चंबा। जिला में डिपो होल्डरों की लापरवाही से हजारों गरीब परिवारों को चावल का कोटा नहीं मिल रहा है। इस वजह से यह परिवार बाजार से महंगे दामों पर चावल खरीदने को मजबूर हैं। हालत यह है कि जिले के अमूमन 31 हजार अंत्योदय राशन कार्ड धारकों में 25 प्रतिशत राशन कार्ड धारकों को अभी तक जुलाई माह का चावल का (एनएफएसए) कोटा नहीं मिल रहा है। इसकी वजह डिपो संचालकों का पोस मशीन के जरिये राशन की ट्रांजेक्शन न करना बताया जा रहा है।
नतीजतन, राशन के कोटे में कट लगना शुरू हो गया है। विभागीय आनलाइन साइट पर भी इसकी रिपोर्ट देखी जा सकती है। इसमें बताया गया है कि जिले में मात्र 50 प्रतिशत डिपो संचालक ही पोस मशीन के जरिये ही राशन की ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। जबकि, शेष रहे 50 प्रतिशत डिपो संचालकों में से भी कई डिपो संचालक कुछ हद तक राशन की वैरायटी को पोस मशीन से ट्रांजेक्शन करने के बाद कनेक्टिविटी न होने की बात कहकर शेष ट्रांजेक्शनों को अधूरा छोड़ देते हैं।
गौरतलब हो कि जिला चंबा में अमूमन 31 हजार अंत्योदय राशन कार्ड धारक और 32 हजार के करीब बीपीएल राशन कार्ड धारक हैं। ऐसे में आधे से अधिक लोगों के परिवार भी डिपुओं से मिलने वाले सस्ते राशन से ही चलते हैं। ऐसे में डिपों संचालकों की लापरवाही और पोस मशीन न चलने से इन परिवारों को पूरा राशन का कोटा नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र सरकार ने अमूमन दो माह पूर्व डिपो संचालकों को दो माह का समय देते हुए निर्देशित किया था कि जब तक वह पोस मशीन चलाने में सक्षम नहीं हो जाते है, तब तक वह मेन्युअल राशन दे सकते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि अभी तक जिले में 50 प्रतिशत डिपो संचालक ही पोस मशीन के जरिये राशन की ट्रांजेक्शन कर रहे हैं। कुल मिला कर डिपो संचालकों के पोस मशीन से राशन की ट्रांजेक्शन न होने से अंत्योदय परिवारों को चावल का कोटा नहीं मिल रहा है। वहीं, केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि पोस मशीन से ट्रांजेक्शन करने पर ही राशन को कोटा प्रदान किया जाएगा।
तीन रुपये किलो मिलता है चावल
सरकारी डिपुओं में अंत्योदय परिवारों को तीन रुपये प्रति किलो चावल का कोटा मिलता है। डिपुओं में चावल का कोटा न मिलने से इन परिवारों को बाजार से 30 से लेकर 50 रुपये किलो चावल खरीदने पड़ रहे हैं
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विजय हमलाल ने माना कि जिले में कई डिपो संचालक पोस मशीन से राशन की ट्रांजेक्शन नहीं कर रहे हैं। इस कारण अंत्योदय परिवार चावल के कोटे से वंचित रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में विभाग डिपुओं की नियमित रूप से चेकिंग कर रहा है। इसमें से 25 प्रतिशत तक डिपो संचालकों ने पोस मशीन से राशन की ट्रांजेक्शन नहीं करने की बात कही है।