बोलेरो दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को घटनास्थल से सड़क तक पहुंचाने में स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस, गृह रक्षक और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ग्रामीणों की सहायता से मौके पर पहुंची। शवों को स्ट्रेचर, सफेद कपड़े, तिरपाल और कंबलों में लपेटकर खाई से निकाला। खड़ी चढ़ाई, संकरे और ढलानदार रास्ते को पार करने के लिए ग्रामीणों ने हाथों की चेन बनाई। रेस्क्यू अभियान के दौरान कड़ी मशक्कत के बाद शवों को सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद सभी शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेजे गए।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सैर पर निकले कुछ लोगों ने सड़क के किनारे वाहन के टूटे शीशे और बिखरा सामान देखा। इससे उन्हें खाई में वाहन गिरा होने की आशंका हुई। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर सुबह करीब आठ बजे सदर थाना प्रभारी रमन चौधरी के नेतृत्व में पुलिस, गृह रक्षक और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची। वाहन से एक महिला, आसपास पड़े दो अन्य शवों समेत छिटक कर झाड़ियों में गिरे शवों को बरामद किया। शवों को स्ट्रेचर, सफेद कपड़े और तिरपाल में लपेटकर सुरक्षित लाने का कार्य शुरू किया गया।
घटनास्थल तक पहुंचने और शवों को निकालने का रास्ता बेहद दुर्गम था। ग्रामीणों और बचाव दल ने स्ट्रेचर पर शवों को कंधों पर उठाया और खस्ताहाल पगडंडी से खड़ी चढ़ाई चढ़कर सड़क तक पहुंचाया। रास्ते में थकान होने पर लोग बारी-बारी से एक-दूसरे की मदद करते रहे। सड़क से कुछ दूरी पहले एक जगह पर शव रखकर राहत दल ने कुछ देर विश्राम किया। इसके बाद शव वाहन के माध्यम से मेडिकल कॉलेज भेजे। रेस्क्यू अभियान करीब दो घंटे तक चला।