चौहान ने बताया कि चालदा महासू 14 दिसंबर को पश्मी गांव में विधिवत रूप से विराजमान होंगे। पदयात्रा 8 दिसंबर 2025 को हजारों श्रद्धालुओं के साथ शुरू हुई थी। चालदा महासू महाराज की यह यात्रा न केवल धार्मिक आयोजन, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का उत्सव है।