शनिवार को बिलासपुर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हिमाचल में बन रहे नेशनल हाईवे के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बचत भवन बिलासपुर में पत्रकार वार्ता में नड्डा ने जानकारी दी कि कीरतपुर- मनाली फोरलेन के लिए 9452 करोड़, शिमला-मटौर के लिए 10,208 करोड़, पठानकोट-मंडी के लिए 1088 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। हिमाचल में यह वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि केंद्र सरकार हिमाचल के बारे में ध्यान नहीं दे रही है। गलती राज्य सरकार की है जो केंद्र से आए पैसे को खर्च नहीं कर पा रही है।
नड्डा ने कहा कि शिमला के भट्ठाकुफर में एनएचएआई अधिकारियों से मारपीट का मामला चिंताजनक है। इस तरह की घटनाओं से एक तो देवभूमि संस्कृति को धक्का लगता है। दूसरा, जिस सरकार में रक्षक की भक्षक हो जाए तो उनसे क्या आशा की जा सकती है। जिनके हाथों में कानून की रक्षा का जिम्मा है, वे अपने हाथों में कानून ले लें तो सरकार कैसे चल रही है, यह इसका जीता जागता नमूना है।
कंगना रनौत के साथ समन्वय की कमी नहीं : - जेपी नड्डा ने कहा कि सांसद कंगना रणौत मंडी पहुंच रही हैं। उनके साथ समन्वय की कोई कमी नहीं है। भाजपा के सभी नेता मिलकर इस त्रासदी में जनता के साथ काम कर रहे हैं।
डीपीआर बनाते समय जनप्रतिनिधियों की भी लेंगे राय : केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य में किसी तरह का विवाद राष्ट्रीय राजमार्ग बनाते न हो इसलिए डीपीआर बनाते समय जनप्रतिनिधि की सलाह भी ली जाएगी। हर मामले को एक नजर से नहीं देखा जा सकता है। मंडी की त्रासदी दुखद है। इसके लिए केंद्र पूरी तरह से हिमाचल सरकार और मंडी के साथ खड़ी है।