- कुठेड़ा मलारी में मनाई गई श्री कबीर दास जयंती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के कुठेड़ा मलारी स्थित कबीर दास मंदिर में जिला स्तरीय कबीर दास की जयंती पर्व मनाया गया। जिला कबीरपंथी समाज सुधार सभा की ओर हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता सभा के जिला प्रधान विजय कालिया ने की।
मंदिर में पूजा अर्चना के बाद झंडा रस्म का आयोजन कैप्टन जगदेव सिंह की अगुवाई में किया गया। कार्यक्रम में खबड़ी देवी माता मंदिर कोलका के महंत रूपेश्वर गिरी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए संत शिरोमणि कबीर दास के जीवन और संघर्ष पर अपने विचार
रखे। वक्ताओं ने बताया कि कबीर दास ने अपने ज्ञान के बूते संत कबीर ने समस्त दुनिया को मानवता का पाठ पढ़ाया। वक्ताओं ने मनुस्मृति और संविधान के बारे में लोगों को गहनता से बताया। कहा, कि का हर वर्ग संत कबीर को अपनी दृष्टि से देखकर मन में ढालता है। उनकी सरल शैली को देखकर लोग उन्हें कवि सम्राट मानते हैं। तर्कवादी उन्हें परम स्पष्ट वक्ता, ब्रह्मज्ञानी उनकी ज्ञान शैली का अध्ययन कर उन्हें ब्रह्मवेत्ता मानते हैं। संत उन्हें संत सम्राट, योगी उन्हें साधक और योगेश्वर जबकि व्यंग्यकार उन्हें व्यंग्यकार मानते हैं। तार्किक लोगों ने उन्हें सदैव न्यायवादी माना। सामाजिक समरसता के पुरोधा और पाखंडवाद के धुर विरोधी संत कबीर का एक-एक शब्द आज भी प्रासंगिक है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जगजीत सिंह, जगदीश सिंह करलोटी और दलीप सिंह धूलिया ने संत कबीर की विचारधारा पर अपने विचार प्रकट किए। इनके साथ कवि लश्करी राम ने कबीर वंदना प्रस्तुत की।महंत रूपेश्वर गिरी ने कहा कि संसार में मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। जाति-पाति मानव ने अपने स्वार्थ के लिए तैयार की है। जिला महासचिव कश्मीर सिंह ने बताया कि इस ज्ञान यज्ञ में वक्ताओं के अलावा महिला मंडल मंदिर कमेटी, प्रधान महिला मंडल मलारी-कुठेड़ा, महिला मंडल करलोटी, महिला मंडली दयोली की ओर से संत कबीर जी पर सुंदर भजन गाए गए। तपती धूप से बचने के लिए दयोली से राजेंद्र सिंह और विमला देवी ने शीतल एवं मीठे जल की छबील लगाई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संत कबीर साहेब मंदिर कमेटी कुठेड़ा मलारी के प्रधान राजेंद्र कुमार और समस्त कार्यकारिणी ने अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बुद्धि सिंह पुंडीर, जोगेंद्र सिंह कौंडल, ज्ञान राम, नैणा ंिसंह, रूप लाल, बालक राम, लश्करी राम, दिला राम, सेवानिवृत डीएसपी सीता राम कौंडल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
झंडूता के मलारी कुठेड़ा में आयोजित सदगुरू कबीर दास जयंती कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि व वक्ता ।