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गौरव मिन्हास की डायरी में नोट 535 पेटी शराब कहां, पुलिस को नहीं पता

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बिलासपुर। मंडी में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की जान जाने के बाद डीजीपी संजय कुंडू ने 22 जनवरी को एक प्रेस बयान जारी बताया था कि गौरव मिन्हास ने 535 पेटी शराब बिलासपुर भी भेजी थी। अभी तक माना जा रहा था कि बरमाणा में नवंबर में पकड़ी गई अवैध शराब की 534 पेटी वही हैं जिसका जिक्र गौरव मिन्हास की डायरी में मिला है। लेकिन एसपी बिलासपुर के अनुसार उस शराब का गौरव मिन्हास से कोई संबंध नहीं है। पकड़ी शराब लाइसेंस वाली फैक्ट्री में बनी थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीजीपी या एसआईटी से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
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सवाल यह है कि अगर 17 नवंबर को बरमाणा में पकड़ी गई अवैध शराब की 534 पेटी वह नहीं थी जिसका जिक्र गौरव मिन्हास ने अपनी डायरी में किया है तो 535 पेटी अवैध शराब कहां है। सवाल यह भी है कि जब पूरे प्रदेश में अवैध शराब को लेकर डीजीपी ने मुहिम चलाई है और वह खुद शराब माफिया को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए मैदान में उतरे हैं तो उन्होंने बिलासपुर एसपी को कार्रवाई के आदेश क्यों नहीं दिए।
डीजीपी कार्यालय के जारी प्रेस बयान में साफ लिखा था कि गौरव की जांच और उसके कब्जे से बरामद साक्ष्य और उसके घर की तलाशी लेने पर पता चला कि अवैध शराब की पेटियां कई जिलों में वितरकों को सप्लाई की र्गईं। इनमें कांगड़ा जिले को 450 पेटी, ऊना जिला को 145, हमीरपुर को 120, बिलासपुर को 535 और मंडी को 150 पेटी भेजी गई हैं। स्थानीय पुलिस की टीमें संबंधित जिलों में तलाशी लेकर इसे जब्त करेंगी। हैरानी की बात है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब जिले में पहुंचने की पुष्टि के बाद जिला पुलिस को यह भी पता नहीं कि वह शराब कहां है।
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17 नवंबर को बरमाणा में पकड़ी गई शराब का गौरव मिन्हास से कोई संबंध नहीं है। शराब की खेप पकड़ने के बाद आबकारी अधिकारी ने उसकी पुष्टि की थी कि उसे पीने से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ और वह सेफ है। उस शराब की खेप को ले जाने वाला बिना नंबर के ट्रक का मालिक हमीरपुर का है। मंडी में जहरीली शराब मामले में डीजीपी या एसआईटी टीम से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। न ही गौरव मिन्हास के बिलासपुर के लिए 535 पेटी शराब भेजने की उन्हें कोई जानकारी है। जब तक मामले में छानबीन के आदेश नहीं मिलते, इस पर कोई बात नहीं कर सकते।
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- साजु राम राणा, एसपी बिलासपुर
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