दूरदराज से आंखों की जांच करवाने आते हैं लोग, नहीं मिलती सेवाएं
मजबूरी में मरीजों को जांच के लिए करना पड़ता है बिलासपुर, घुमारवीं का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में आंखों के डॉक्टर का पद बीते पांच वर्ष से खाली है। इससे झंडूता विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बुजुर्गों और दूरदराज इलाकों से आने वाले लोगों को आंखों की जांच और चश्मा बनवाने के लिए बिलासपुर या घुमारवीं अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
झंडूता के गेहड़वीं, समोह, ज्योरीपतन, नखलेहड़ा, गाह घोड़ी, मलराओं, धनी पखर, मरोतन, जेजवी, कलोल, बुहाड़, भड़ोली कलां, जड्डू कुल्जयार और घराण जैसे गांवों के लोग करीब 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर आंखों की जांच के लिए झंडूता अस्पताल आते हैं। लेकिन आंखों का चिकित्सक न होने की वजह से उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। ड्राइविंग लाइसेंस, दुकानों के लाइसेंस तथा अन्य दस्तावेजों के लिए अनिवार्य आंखों की जांच नहीं हो पाने से लोगों में विभाग व सरकार के प्रति नाराजगी है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि हजारों की आबादी को सेवाएं देने वाले इस अस्पताल में जल्द से जल्द नेत्र चिकित्सक की तैनाती की जाए।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. परमिंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में लंबे समय से नेत्र रोग विशेषज्ञ की कमी है। विभागीय अधिकारियों और सरकार को इस बारे में कई बार अवगत करवाया गया है। कांग्रेस नेता विवेक कुमार ने कहा कि झंडूता क्षेत्र की यह गंभीर समस्या उनके संज्ञान में आई है और जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ठाकुर से मिलकर इस विषय पर बात की जाएगी ताकि नेत्र चिकित्सक की शीघ्र तैनाती सुनिश्चित हो सके।