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Bilaspur News: तीसरी आंख, इंटरसेप्टर की निगरानी में हैं हाईवे पर चलने वाले वाहन चालक

Sat, 17 Jan 2026 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कीरतपुर नेरचौक फोरलेन पर लगे कैमरे। संवाद
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर हादसों को रोकने के लिए पुलिस सख्त
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बेलगाम रफ्तार पर कसने लगा शिकंजा, चार स्थानों पर हैं आईटीएमएस कैमरे तैनात
खतरनाक है फोरलेन का भूगोल, 60 से ज्यादा स्पीड तो मौत को दावत
तीखे मोड़, सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होना हादसों का मुख्य कारण

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर आए दिन लहूलुहान हो रही सड़कों और बढ़ती दुर्घटनाओं ने जिला पुलिस की नींद उड़ा दी है। हादसों को रोकने के लिए बिलासपुर पुलिस ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। फोरलेन पर न केवल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, बल्कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।

पुलिस प्रशासन का तर्क है कि वाहन चालक इस मार्ग को मैदानी इलाकों की सड़क समझने की भूल कर रहे हैं, जो जानलेवा साबित हो रही है। एक ओर ऊंची पहाड़ियां और दूसरी ओर गोबिंद सागर झील इस मार्ग को बेहद संवेदनशील बनाती है। तीखे मोड़ और सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होना हादसों का मुख्य कारण है। इसी को देखते हुए पुलिस ने पूरे मार्ग पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति सीमा तय की है। नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। गरामोड़ा से लेकर बलोह टोल प्लाजा तक चार आईटीएमएस कैमरे स्थापित किए गए हैं। ये कैमरे गरामोड़ा कैंची मोड़, टीहरा और पड़गल जैसे ब्लैक स्पॉट्स पर ओवरस्पीडिंग, गलत लेन ड्राइविंग और खतरनाक ड्राइविंग करने वालों पर 24 घंटे नजर रखेंगे। इसके अलावा, पुलिस के इंटरसेप्टर वाहन लगातार फोरलेन पर गश्त कर रहे हैं ताकि मौके पर भी कार्रवाई की जा सके। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, ये बैरिकेड्स उन पॉइंट्स पर लगाए गए हैं जहां लिंक रोड फोरलेन से जुड़ती है। इससे अचानक मुख्य मार्ग पर आने वाले वाहनों की गति नियंत्रित होगी और टकराव का खतरा कम होगा। साथ ही, जिला सीमाओं के पास बैरिकेडिंग के जरिए चालकों को सचेत किया जा रहा है कि वे अपनी गति कम कर लें। संवाद
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इनसेट
नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पहाड़ी क्षेत्र का संवेदनशील मार्ग है। बैरिकेड्स लगाने का मकसद चालकों को उनकी लेन में रखना है। नियमों का पालन कर ही हादसों से बचा जा सकता है। आईटीएमएस कैमरे गरामोड़ा, टीहरा और पड़गल में सक्रिय हैं। बैरिकेडिंग लिंक रोड और जिला सीमाओं पर विशेष चौकसी है वहीं इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से पल-पल की निगरानी। स्पीड लिमिट 60 किमी/घंटा का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई। - शिव चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर
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