डंगार स्कूल में उपमंडल स्तरीय दो दिवसीय प्रतियोगिता शुरू,425 विद्यार्थी ले रहे भाग
विज्ञान क्विज, गणितीय ओलंपियाड और मॉडल प्रदर्शनी में दिखेगी प्रतिभा
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डंगार में उपमंडल स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ हुआ। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में घुमारवीं खंड के विभिन्न स्कूलों से 425 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
इसमें विज्ञान क्विज, गणितीय ओलंपियाड, विज्ञान मॉडल और एक्टिविटी कॉर्नर आयोजित होंगे। चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, गणितीय समझ, तर्क क्षमता और समस्या समाधान कौशल को परखा जाएगा। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यातिथि का स्कूल पहुंचने पर प्रधानाचार्य परमजीत शर्मा, विद्यालय स्टाफ, एसएमसी सदस्यों और विद्यार्थियों ने स्वागत किया गया। प्रधानाचार्य परमजीत शर्मा ने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, जिज्ञासा, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। आज के विद्यार्थी केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आसपास की दुनिया को समझने, प्रश्न पूछने और नए समाधान तलाशने की आदत विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वह मेहनत, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच को अपने जीवन का आधार बनाएं और विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़कर देखें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सामने नशे जैसी अनेक चुनौतियां भी हैं। विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूर रहने, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने और अपने साथियों को भी स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया। मुख्यातिथि ने कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों में पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि सोचने, प्रश्न करने, प्रयोग करने और समस्याओं का समाधान खोजने की जीवन-पद्धति है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास होने वाली घटनाओं के प्रति जिज्ञासु रहने और उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझने का प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह प्रश्न पूछने से कभी न हिचकें, क्योंकि प्रश्न करने की प्रवृत्ति ही ज्ञान की शुरुआत है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर सोचने एवं किसी भी समस्या का समाधान शांतिपूर्वक और तार्किक ढंग से खोजने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में शिक्षा, खेल, विज्ञान एवं रचनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय की पाबंदी, मेहनत और जिम्मेदारी को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की सलाह दी। देश का भविष्य आज के विद्यार्थियों के हाथों में है और वैज्ञानिक सोच एवं अनुशासित जीवन के माध्यम से वह समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर स्कूल का स्टाफ, सभी प्रतिभागी विद्यार्थी, एस्कॉर्ट शिक्षक आदि उपस्थित रहे।