ट्रक में बनाए गुप्त केबिन में छिपा रखी थी 150 पेटी बीयर
चालक बोला, मालिक के कहने पर बनाई थी सीक्रेट केबिन, मुनाफे के लिए होनी थी सप्लाई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत में हुई मामले की सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अवैध रूप से शराब तस्करी के मामले में नामजद ट्रक मालिक को जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को कुछ सख्त शर्तों के साथ राहत प्रदान की। मामला थाना सदर बिलासपुर में दर्ज एफआईआर से संबंधित है।
अदालत में पेश पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 13 मई की सुबह करीब 5:15 बजे एएसआई रविकांत के नेतृत्व में पुलिस टीम जबली क्षेत्र में गश्त और नाकाबंदी पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ट्रक में पंजाब से भारी मात्रा में अवैध शराब हिमाचल लाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मंडी-भराड़ी चौक पर बैरिकेडिंग कर ट्रक को रोक लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को ट्रक के डाले के पीछे लोहे का एक विशेष गुप्त केबिन मिली, जिसे नट-बोल्ट से कसकर बंद किया गया था। स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में जब केबिन खोली गया तो उसमें से ट्यूबॉर्ग स्ट्रॉन्ग बीयर की 150 पेटियां बरामद हुईं। बरामद पेटियों में कुल 1800 बोतलें थीं, जिन पर फॉर सेल इन पंजाब ओनली अंकित था। पुलिस के मुताबिक चालक पवन कुमार शराब परिवहन से संबंधित कोई वैध परमिट या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही शराब, ट्रक और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान चालक पवन कुमार ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि ट्रक में बनाई बए गुप्त केबिन ट्रक मालिक शाजिद खान के निर्देश पर तैयार करवाई गई थी। चालक ने यह भी बताया कि पंजाब से शराब हिमाचल में अधिक मुनाफे के लिए सप्लाई की जानी थी। इसके बाद पुलिस ने ट्रक मालिक शाजिद खान को मामले में नामजद किया।
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर मामले में फंसाया गया है और उसके खिलाफ कोई स्वतंत्र साक्ष्य मौजूद नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी जांच में शामिल हो चुका है और पुलिस को ट्रक के दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए गए हैं। वहीं राज्य पक्ष की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी ट्रक का मालिक है तथा वाहन का इस्तेमाल अवैध शराब की तस्करी में किया गया। पुलिस ने अदालत से जमानत याचिका खारिज करने की मांग की। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि आरोपी जांच में शामिल हो चुका है, बरामद शराब का रिकॉर्ड तैयार कर उसे रासायनिक जांच के लिए भेजा जा चुका है तथा वाहन भी अदालत के आदेश पर रिलीज किया जा चुका है। ऐसे में आरोपी की आगे की हिरासत आवश्यक प्रतीत नहीं होती। अदालत ने आरोपी को शर्तों सहित अग्रिम जमानत देते हुए आदेश दिया कि वह जांच में सहयोग करेगा, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल नहीं होगा।