हाल ही में सड़कों पर छोड़े गए हैं दो दर्जन से अधिक गोवंश
स्कूली बच्चों, वाहन चालकों के लिए लावारिस पशु बन रहे मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं और इसके आसपास के क्षेत्र में लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़कों पर यह लावारिस पशु हादसों को कारण बन रहे हैं। साथ ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। हाल ही में अज्ञात लोगों द्वारा नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र के समीप दो दर्जन गोवंश को सड़कों पर छोड़ दिया है। यह लावारिस पशु नगर परिषद क्षेत्र के साथ भगेड़ कस्बा तक उच्च मार्ग 103 पर एक जगह से दूसरी जगह भटकते रहते हैं जिसके चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से अवढानीघाट के समीप पशुओं के झुंड बैठे रहते हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले नौनिहालों को स्कूल ले जाना एक बड़ी समस्या बन गया है। यह लावारिस पशु किसानों की फसल उजाड़ते रहते हैं। घुमारवीं विस क्षेत्र में लावारिस पशुओं की संख्या सैंकड़ों में है। क्षेत्र का कोई भी ऐसा कोना नहीं होगा जो इनसे अछूता हो। घुमारवीं पंचायत उप प्रधान किशोरी लाल शर्मा, बकरोआ पंचायत प्रधान कमलेश कुमारी, औहर उप प्रधान रणजीत वर्धन ने कहा कि सरकार तथा प्रशासन से इस समस्या की निजात के लिए कई बार मांग की गई है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग 103 और फोरलेन पर बढ़ती लावारिस पशुओं की संख्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। दूसरे क्षेत्रों से गोवंश को रात के अंधेरे में छोड़े जाने के चलते समस्या और गंभीर हो रही है। हालांकि नगर परिषद व एसडीएम घुमारवीं के सहयोग से ऐसे लावारिस पशुओं को चिन्हित भी किया गया था जो लोगों के लिए नुकसान पहुंचाने वाले हैं। ऐसे पशुओं को नगर परिषद द्वारा नालागढ़ गोसदन में भेजा गया। लेकिन समस्या बढ़ती जा रही है। उधर, जिला में बेसहारा घायल गोवंश के उपचार के लिए वर्षों से कार्य कर रहे प्रति समाज सेवा समिति के संचालक सुनील शर्मा ने कहा कि सरकार की बेसहारा गोवंश के लिए कोई नीति न होने के कारण समस्या और विकट हो रही है। उन्होंने कहा कि गोवंश की समस्या के निदान के लिए मुक्त गोवन ही एक मात्र समाधान है लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गई।
कोट
नगर परिषद प्रशासन के सहयोग से इस समस्या के समाधान के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठा रही है। जो पशु लोगों के लिए नुकसानदायक थे उन्हें नालागढ़ गोसदन में भेजने की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे पशुओं को विशेष निशान लगाकर चिन्हित किया गया है जो लोगों पर हमला कर सकते हैं। लोग भी ऐसे पशुओं से उचित दूरी बनाए रखें। लोग ऐसे लोगों पर भी नजर रखे जो अंधेरे का लाभ उठाकर पशुओं को दूसरे स्थान से उठाकर यहां छोड़ देते हैं।
रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं