कर्मचारियों और मशीनरी की मदद से नालों की व्यापक सफाई शुरू
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया नप प्रबंधन
रिहायशी इलाकों में बहने वाले नाले लंबे समय से गंदगी से थे भरे
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में लंबे समय से नालों और नालियों में फैली गंदगी से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिलती नजर आ रही है। अमर उजाला में 20 दिसंबर के अंक में घुमारवीं शहर के नालों में गंदगी शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद नगर परिषद घुमारवीं ने मामले का संज्ञान लिया और शहर में नालों व नालियों की सफाई का अभियान शुरू कर दिया है।
शहर के बजोहा क्षेत्र सहित विभिन्न रिहायशी इलाकों में बहने वाले नाले लंबे समय से गंदगी और कूड़े कचरे से भरे थे। नालों के बंद होने से दूषित पानी जगह-जगह जमा हो रहा था, जिससे दुर्गंध फैल रही थी और संक्रमण का खतरा बढ़ गया था। कई स्थानों पर स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद ने सफाई कर्मचारियों और मशीनरी की मदद से नालों की व्यापक सफाई शुरू करवाई। वर्षों से जमी सिल्ट, प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट को बाहर निकाला गया, जिससे नालों का पानी फिर से सुचारू रूप से बहने लगा। सफाई अभियान शुरू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों को कहना है वे इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार नगर परिषद के अधिकारियों से शिकायत कर चुके थे, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले थे। सबसे चिंताजनक पहलू यह था कि नालों का दूषित पानी लगातार सीर खड्ड में मिल रहा था, जहां से कई पेयजल योजनाएं जुड़ी हुई हैं। इससे न केवल घुमारवीं शहर बल्कि आसपास के गांवों में भी बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ था। नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल ने कहा कि नगर परिषद द्वारा शहर के सभी नालों और नालियों की समय-समय पर सफाई करवाई जाती है। फिर भी कुछ स्थानों से शिकायत मिलने पर व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया है, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नालों की नियमित सफाई, ठोस कचरा प्रबंधन और स्थायी ड्रेनेज योजना पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
20 दिसंबर के अंक में प्रकाशित घुमारवीं की खबर।