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Bilaspur News: वोट बैंक की राजनीति में घिरा अतिक्रमण का मुद्दा

Sun, 03 May 2026 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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घुमारवीं में फुटपाथ पर लगी गाड़ियां। संवाद
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नगर निकाय चुनाव मुद्दा
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फुटपाथ छोड़ सड़कों पर चलने को मजबूर लोग
लोगों का कहना, जनप्रतिनिधि वोट तक रह जाते हैं सीमित

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बनाए गए फुटपाथ आज लोगों की सुविधा नहीं, बल्कि अवैध कब्जों की पहचान बन चुके हैं। शहर में वर्षों से फुटपाथों और सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जनता लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। कुछ घंटों या दिनों तक दिखने वाली कार्रवाई के बाद फिर वही हालात लौट आते हैं। ऐसे में अब यह मुद्दा नगर परिषद चुनाव में बड़ा चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है।
लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की सबसे बड़ी नाकामी यही रही है कि वह अतिक्रमणकारियों पर स्थायी कार्रवाई करने में विफल रही। शहर के कई हिस्सों में दुकानदार फुटपाथों पर सामान सजा देते हैं, जबकि कई जगह सड़क किनारे वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। इससे पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बचती। मजबूरी में बुजुर्ग, महिलाएं, स्कूली छात्र और छोटे बच्चे तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर चलने को विवश हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद नगर परिषद के पदाधिकारी अतिक्रमण हटाने में इसलिए सख्ती नहीं दिखाते क्योंकि अतिक्रमण करने वाले लोग ही उनका वोट बैंक होते हैं। त्योहारों और विशेष सीजन के दौरान शहर में बाहरी रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों का कब्जा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि इन पर भी कार्रवाई नहीं होती क्योंकि इनके वोट भी नगर परिषद चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं।
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यही कारण है कि हर साल शहर की सड़कों और फुटपाथों पर अव्यवस्था बढ़ती जा रही है और आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। स्थिति यह है कि शहर में पैदल चलना तक जोखिम भरा हो चुका है। फुटपाथ पूरी तरह घिरे होने के कारण राहगीरों को सड़क पर उतरना पड़ता है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक बनी हुई है। अब जनता की नजर नगर परिषद चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों पर टिकी है। लोग चाहते हैं कि इस बार जो भी प्रतिनिधि चुनकर आए, वह अतिक्रमण को लेकर अपना स्पष्ट और कड़ा रुख जनता के सामने रखे। लोगों की मांग है कि फुटपाथों और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर शहर हित में फैसले लिए जाएं।

इनसेट

शहर में फुटपाथ केवल नाम के रह गए हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सड़क पर चलना पड़ता है। नगर परिषद हर बार कार्रवाई का दिखावा करती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। इस बार जनता ऐसे प्रतिनिधि को चुनेगी जो अतिक्रमण पर सख्ती दिखाने का साहस रखता हो।

मदन लाल, दुकानदार

इनसेट

त्योहारों के दौरान शहर की हालत और खराब हो जाती है। रेहड़ी-फड़ी वालों और अवैध कब्जों से सड़कें सिकुड़ जाती हैं। प्रशासन सब कुछ देखकर भी चुप रहता है। लोगों की जान जोखिम में डालकर वोट बैंक बचाने की राजनीति अब बंद होनी चाहिए। -कंचन

इनसेट

स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है क्योंकि फुटपाथ पूरी तरह कब्जे में हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। नगर परिषद के प्रतिनिधियों को चुनाव के दौरान साफ बताना चाहिए कि वे अतिक्रमण हटाने के लिए क्या योजना लेकर आएंगे। -विजय कुमार, दुकानदार
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इनसेट

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल कैमरों तक सीमित रहती है। कुछ दिन बाद फिर वही कब्जे शुरू हो जाते हैं। जनता अब बहानों से तंग आ चुकी है। शहर की सुरक्षा और व्यवस्था को वोट बैंक से ऊपर रखना होगा, तभी घुमारवीं को राहत मिल पाएगी। - अमित कुमार

घुमारवीं में फुटपाथ पर लगी गाड़ियां। संवाद

घुमारवीं में फुटपाथ पर लगी गाड़ियां। संवाद

घुमारवीं में फुटपाथ पर लगी गाड़ियां। संवाद

घुमारवीं में फुटपाथ पर लगी गाड़ियां। संवाद

घुमारवीं में फुटपाथ पर लगी गाड़ियां। संवाद

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