विशेष न्यायाधीश मोहित बंसल की अदालत ने सुनाया फैसला
एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा
आरोपी जांच में करेगा सहयोग, अदालत की हर तारीख पर होगा पेश
30.1 ग्राम चिट्टा बरामदी के मामले में पुलिस ने किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश घुमारवीं डॉ. मोहित बंसल की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी प्रिंस कुमार निवासी बल्ह (मंडी) को सशर्त जमानत पर रिहा किया। अदालत ने कहा कि आरोपी की लंबी कैद उसकी स्वतंत्रता का हनन होगी जबकि जांच पूरी हो चुकी है और अब उसकी हिरासत की आवश्यकता नहीं है।
पुलिस के मुताबिक 25 जुलाई की रात घुमारवीं थाना पुलिस ने बलोह-मल्यावर लिंक रोड पर नाका लगाया था। इस दौरान एक आल्टो कार से 30.1 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। कार में बैठे तीन लोगों में चालक ने अपना नाम प्रिंस कुमार, साथ बैठे ने राज कुमार और पीछे बैठे ने लेख राज बताया। पुलिस ने बरामदगी को मौके पर सील किया और स्वतंत्र गवाह को शामिल किया। बरामदगी की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई। बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि आरोपी निर्दोष है और जांच पूरी हो चुकी है, जबकि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बरामदगी इंटरमीडिएट क्वांटिटी की है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 लागू नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि बेल नियम है और जेल अपवाद। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा किया। साथ ही यह शर्तें लगाई गईं कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा, अदालत की हर तारीख पर पेश होगा और भविष्य में ऐसे अपराधों में संलिप्त नहीं होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ तो अभियोजन पक्ष उसकी जमानत रद्द कराने के लिए अदालत का रुख कर सकता है।