जुखाला कॉलेज में आयोजित शिक्षक क्षमता-निर्माण कार्यशाला में मुख्य वक्ता को सम्मानित करते हुए। स
जुखाला कॉलेज में शिक्षक क्षमता-निर्माण कार्यशाला हुई शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय जुखाला में एचपीयू द्वारा सत्र 2026-27 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किए जाने के संदर्भ में शिक्षक क्षमता-निर्माण के तहत दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई।
कार्यशाला के पहले दिन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ध्रुव पाल सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली अपनाई जाएगी। चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम को सरकारी और निजी दोनों महाविद्यालयों में लागू किया जाएगा। प्राचार्य ने बहु-प्रवेश एवं बहु-निर्गम व्यवस्था, चार वर्षीय बहु-विषयक स्नातक डिग्री कार्यक्रम जिसमें तीन साल बाद डिग्री और चार साल बाद शोध डिग्री का विकल्प उपलब्ध होगा। क्रेडिट आधारित सेमेस्टर प्रणाली एवं एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, बहु-विषयक एवं समग्र शिक्षा, कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण, भारतीय ज्ञान प्रणाली का पाठ्यक्रम में समावेश, डिजिटल शिक्षा प्रौद्योगिकी एवं ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग, समानता समावेशन एवं पहुंच, शिक्षक क्षमता विकास एवं निरंतर प्रशिक्षण सभी प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की।
प्राचार्य ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान पूर्ण लचीलापन मिलेगा। बहु-प्रवेश एवं बहु-निर्गम योजना के माध्यम से छात्र विभिन्न चरणों पर अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ सकते हैं या पुनः शुरू कर सकते हैं। इससे उच्च शिक्षा प्रणाली अधिक व्यावहारिक, लचीली, छात्र-हितैषी और भविष्योन्मुखी बनेगी। उन्होंने महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। यह कार्यशाला शिक्षकों की क्षमता वृद्धि और महाविद्यालय स्तर पर नीति के कार्यान्वयन की तैयारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।