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Bilaspur News: शिमला-मटौर हाईवे पर करोड़ों की टारिंग हुई मिट्टी

Fri, 06 Feb 2026 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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शिमला–मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर उखड़ी टारिंग। संवाद
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भगेड़ से उखली तक टारिंग के दो माह बाद ही बदहाल हुई सड़क
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दधोल स्कूल के पास टारिंग पूरी तरह गायब, बढ़ा हादसों का खतरा

करोड़ों का बजट मिट्टी में, दो माह भी नहीं टिकी तारकोल

संवाद न्यूज एजेंसी

भराड़ी (बिलासपुर)। शिमला-मटौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भगेड़ से उखली तक महज दो महीने पहले बिछाई गई तारकोल अब उखड़कर बिखरने लगी है। विशेष रूप से दधोल स्कूल के समीप सड़क की टारिंग पूरी तरह गायब हो चुकी है, जिससे यह स्थान एक्सीडेंट प्रोन जोन (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) बन गया है। विभाग की इस लापरवाही के कारण यहां आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।

वाहन चालकों को राहत देने और हादसों को कम करने के उद्देश्य से हाल ही में शिमला-मटौर हाईवे पर भगेड़ से उखली तक नई तारकोल बिछाने का काम किया गया था। लेकिन लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल) की निगरानी पर तब सवाल उठ गए जब दधोल स्कूल के पास लगभग 20 मीटर के हिस्से में टारिंग पूरी तरह उखड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सामग्री की गुणवत्ता सही होती, तो हाईवे की सड़क दो महीने में इस कदर नहीं टूटती। दधोल स्कूल के पास सड़क पर उतराई है, जहां हाईवे होने के कारण वाहनों की गति अक्सर तेज रहती है। जैसे ही वाहन इस उखड़े हुए हिस्से पर पहुंचते हैं, अचानक लगने वाले झटके से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अब तक दर्जनों दुपहिया वाहन चालक यहां फिसलकर लहूलुहान हो चुके हैं। गनीमत यह है कि अभी तक कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। सर्दियों के मौसम में रात के समय और सुबह पड़ने वाले घने कोहरे के कारण स्थिति और भी भयावह हो जाती है। धुंध की वजह से चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चलता और तेज रफ्तार वाहन सीधे उखड़ी हुई सड़क के गड्ढों में जा गिरते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अंधेरे में यहां से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने रोष जताते हुए कहा कि विभाग इस समस्या से अनजान नहीं है, फिर भी मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि इस 20 मीटर के हिस्से को प्राथमिकता के आधार पर दोबारा बनाया जाए ताकि किसी मासूम की जान न जाए।
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कोट
जल्द होगी मरम्मत
इस संदर्भ में जब उपमंडलाधिकारी गौरव चौधरी से बात की गई तो उन्होंने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस बाबत कड़े निर्देश दे दिए गए हैं। सड़क के इस हिस्से की जल्द से जल्द मरम्मत करवाई जाएगी ताकि यातायात सुचारू और सुरक्षित हो सके।
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