बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंजगाईं में कृषि विभाग के आत्मा प्रोजेक्ट के तहत सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती पर संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों और अध्यापकों को प्राकृतिक खेती का महत्व समझाया गया।
परियोजना निदेशक डॉक्टर पवन वर्मा ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर वैज्ञानिक, तथ्यपरक विस्तृत जानकारी दी। डॉक्टर वर्मा ने विस्तार पूर्वक बताया कि किस प्रकार रासायनिक खादों के प्रयोग से हम अपने खाद्यान्नों व कृषि उत्पादों को विषैला व अखाद्य बनाते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हम सुभाष पालेकर मॉडल को अपनाकर प्राकृतिक ढंग से कृषि कर अपना, समाज व प्रकृति का उपकार कर सकते हैं।
उप परियोजना निदेशक डॉक्टर रितेश गुप्ता ने कहा कि खेती या खाद्यान्न उत्पादन, सब्जी व बागवानी करते समय जीरो बजट खेती कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि देशी गाय के गोमूत्र, गोबर व वनस्पतियों से निर्मित प्राकृतिक उत्पादों के प्रयोग से हम अपनी कृषि को प्राकृतिक तरीके से ही कृमि-कीटों आदि से बचा सकते हैं। डॉक्टर रश्मि वर्धन ने प्राकृतिक खेती के महत्व उसकी आवश्यकता, अनिवार्यता और समसामयिक उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य भोपाल सिंह, प्रवक्ता कुलदीप कुमार शांडिल्य, दिनेश कुमार शर्मा, करमचंद, रीता देवी, सुदर्शन कुमार सहित अन्य अध्यापक उपस्थित रहे। प्रतिभागी छात्र.छात्राओं को जलपान की भी व्यवस्था की गई। प्रधानाचार्य ने विद्यालय परिवार की ओर से षि विभाग के अधिकारियों, स्रोत व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।