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प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के 10 फीसदी बच्चों के पास नहीं स्मार्टफोन

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जुखाला (बिलासपुर)। कोविड-19 महामारी की वजह से शिक्षण संस्थान बंद हैं। सरकार हर घर पाठशाला और गूगल मीट के माध्यम से पढ़ाई को जारी रखने का प्रयास कर रही है। 2020 के आंकड़ों के अनुसार जिले में पिछले साल 17070 बच्चे सेकेंडरी में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें से करीब 200 बच्चे ऐसे हैं जिनके पास स्मार्ट नहीं है। इससे वे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
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इस साल 13,230 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जबकि 11वीं कक्षा के अभी दाखिले चले हुए हैं। इस साल 229 ऐसे बच्चे हैं जो स्मार्टफोन न होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। जिले में 850 माध्यमिक और 592 प्राथमिक स्कूल हैं। 7 प्राथमिक स्कूलों में कोई भी बच्चा पढ़ नहीं रहा है। जिले में आठवीं कक्षा तक करीब 26,000 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से 10 फीसदी बच्चे स्मार्टफोन से वंचित हैं। स्मार्टफोन न होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं ढूंढा गया है।
विभाग का कहना है कि फिलहाल सभी बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए विभाग ने स्कूल लेबल पर मोबाइल बैंक जिसमें स्कूल के मुखिया को ऐसे दानी लोगों से संपर्क करने को कहा है जोकि स्मार्टफोन दे सकें। जो बच्चे स्मार्टफोन की वजह से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं उनको नोट्स शिक्षकों द्वारा घर पर पहुंचाए जाएंगे ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके अलावा जिनके बच्चे अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं उनके लिए प्रधानाचार्य टाइम टेबल में बदलाव कर सकते हैं।
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शिक्षा उपनिदेशक उच्च राजकुमार ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए स्कूलों में मोबाइल बैंक बनाने, शिक्षकों को पढ़ाई के नोट्स बच्चों के घर पहुंचाने और टाइम टेबल में बदलाव करने के बारे में आदेश दिए गए हैं।
उपनिदेशक एलिमेंट्री सुदर्शन ने बताया कि 10 फीसदी बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं है। इसलिए स्कूल स्तर पर मोबाइल बैंक बनाने, बच्चों को पढ़ाई के नोट्स पहुंचाने के आदेश दिए जा रहे हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
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