9 से 23 अप्रैल तक बिलासपुर में चलेगा अभियान
1111 आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियां तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया कि 9 से 23 अप्रैल तक जिले में 8वां पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान निदेशालय महिला एवं बाल विकास, हिमाचल प्रदेश तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के शारीरिक मानसिक एवं संज्ञानात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले छह वर्ष में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में बच्चों को उचित पोषण, स्नेहपूर्ण वातावरण और सही देखभाल मिलना बेहद आवश्यक है। मंत्री ने जानकारी दी कि बिलासपुर के 1111 आंगनबाड़ी केंद्रों में यह पखवाड़ा उत्साह पूर्वक मनाया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा छह वर्ष तक के बच्चों को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है, ताकि कुपोषण को जड़ से समाप्त किया जा सके। बताया कि पखवाड़े के दौरान बच्चों के समुचित पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा,खेल आधारित शिक्षण,स्वच्छता,एनीमिया नियंत्रण, स्क्रीन टाइम को कम करने जैसे विषयों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर जाकर भी जागरूकता फैलाई जा रही है।
इस अभियान के अंतर्गत पोषण रैलियां, पोषण पर चर्चा, पंचायत स्तर की बैठकें, स्वास्थ्य जांच शिविर, कुकिंग प्रतियोगिताएं,योग एवं खेल गतिविधियां, नो स्क्रीन ऑवर जैसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। डॉ. शांडिल ने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिसमें पहले 1000 दिन सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस जन-अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और कुपोषण मुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।