नगर परिषद बिलासपुर में कांग्रेस ने अपना परचम लहरा दिया है। निकाय चुनाव में बहुमत के साथ विजयी हुए कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने एकजुटता का परिचय देते हुए वार्ड नंबर एक से चुनकर आईं सोमा देवी को अध्यक्ष चुन लिया। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर पूर्व उपाध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप के नाम पर मुहर लगी। हालांकि, भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार तय किए थे। इस वजह से मतदान करने के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फैसला हो सका।
नगर परिषद बिलासपुर में वीरवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाए गए। सुबह 10:00 बजे चार पार्षदों नरेंद्र पंडित, नीतू मिश्रा, वंदना गौतम और माया देवी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से सोमा देवी और भाजपा से माया देवी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस से प्रदेश सचिव कमलेंद्र कश्यप ने पर्चा भरा।
वार्ड नंबर पांच से विजयी निर्दलीय पार्षद नरेंद्र पंडित उपाध्यक्ष पद के लिए कमलेंद्र के खिलाफ मैदान में उतरे। सर्वसम्मति नहीं बनने पर चुनाव अधिकारी एवं एसडीएम हरीश गज्जू ने मतदान करवाने का एलान किया। चुनाव नतीजों के तहत कांग्रेस समर्थित सोमा को सात मत पड़े जबकि माया देवी को चार। इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद के लिए भी कमलेंद्र कश्यप को सात और नरेंद्र पंडित को चार वोट पड़े।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ताजपोशी के बाद सदर विधायक बंबर ठाकुर ने नगर परिषद के नव निर्वाचित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और कांग्रेस समर्थित अन्य पार्षदों का स्वागत किया। सभी पार्षदों को फूल मालाएं पहनाएं पहनाई गईं और कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक बाबू राम गौतम, ब्लॉक अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा भी मौजूद थे।
ढाई-ढाई साल पर बनी सहमति
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस में मैराथन बैठकों का दौर चल रहा था। अध्यक्ष पद के लिए सोमा देवी और शालिनी शर्मा दो नाम सामने आए। सूत्रों के अनुसार, किसी एक के नाम पर सहमति नहीं बन पाने की स्थिति में ढाई-ढाई साल पर बात बनी है। इसके तहत सोमा देवी ढाई साल तक नगर परिषद की अध्यक्ष रहेंगी। वहीं, ढाई साल बाद शालिनी शर्मा को अध्यक्ष बनाया जाएगा।
हैट्रिक जमाने का मिला फायदा
सोमा देवी इस बार नगर परिषद के वार्ड नंबर एक से विजयी हुई हैं। इससे पहले भी वह लगातार दो बार पार्षद बनी है। इस बार चुनाव में हैट्रिक जमाने का उन्हें फायदा मिला और वह नगर परिषद की अध्यक्ष बनीं। वहीं, कमलेंद्र कश्यप पहले भी नगर परिषद के उपाध्यक्ष रहे हैं। सबसे अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज करने का भी उन्हें फायदा मिला।