घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल में स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट को चिकित्सीय अवकाश लेकर दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होना और विभाग से इस जानकारी को छिपाना मंहगा पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है तथा उसका स्थानांतरण भी कर दिया है।
जिला बिलासपुर से संबंध रखने वाले 6 लोगों के खिलाफ चार केस दर्ज किए गए। इनके जमात में शामिल होने तथा यात्रा इतिहास की जानकारी छुपाने और सरकार के आदेशों की अवेहलना करने के खिलाफ दर्ज हुए हैं। जिले के इन 6 जमातियों में से एक व्यक्ति आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर अपनी सेवाएं दे रहा है और घुमारवीं उपमंडल के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात था तथा मामला उजागर आने के बाद विभाग ने तुंरत प्रभाव से उसे स्थानांतरित कर दिया गया है तथा अगले आदेशों तक होम क्वारंटीन पर ही रखा गया है। यह कर्मचारी नौ से तेरह मार्च तक चिकित्सीय अवकाश पर था। जिसमें दर्शाया गया है कि मुझे बुखार है और इस लिए मेडिकल लीव चाहिए था तथा डॉक्टर के द्वारा इस कर्मचारी की मेडिकल लीव स्वीकृत करने के साथ आराम करने की सलाह भी दी गई। आरोप है कि फार्मासिस्ट ने मामले को जानबूझकर छिपाया।
वहीं, मामले का खुलासा होने के बाद विभाग ने भी इस संबंध में जांच बैठी दी है। विभाग की ओर से कर्मचारी को नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं कर्मचारी का घुमारवीं के लिए तबादला भी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे को अमर उजाला ने 13 अप्रैल के अंक में प्रमुख्ता से उठाया है। जिसका परिणाम रहा है कि विभाग ने इस फार्मासिस्ट के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले इस व्यक्ति ने छुट्टियां खत्म होने के बाद निरंतर अपनी सेवाएं आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग में जारी रखी थी।
फार्मासिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है तथा उसे साथ में स्थानांतरित भी कर दिया गया है। विभाग के द्वारा आगामी निर्देश तक उसे होम क्वारंटीन पर ही रखा गया है तथा शीघ्र नोटिस का जबाव देने के लिए कहा गया है।-जय गोपाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी