धौलरा में शारदोत्सव में रंगोली बनाती छात्राएं। स्रोत: जागरूक पाठक
बिलासपुर। ऐतिहासिक धौलरा मंदिर में चल रहे शारदोत्सव में पांचवें नवरात्र पर मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
इस दौरान साधकों ने पुष्कल चक्र पर विशेष ध्यान केंद्रित कर मां की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां स्कंदमाता अपने भक्तों को सुख और शांति प्रदान करती हैं। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। शारदोत्सव के तहत कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए धार्मिक एकल नृत्य प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें अविका ने पहला, अंशिका ने दूसरा और भारती व हर्षिका ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। समूह नृत्य प्रतियोगिता में सान्वी और उनकी सखियों के समूह ने पहला, स्नेहा और उनकी सखियों के समूह ने दूसरा तथा वंशिका ग्रुप ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में संगीतज्ञ अनूप शर्मा और जयराम ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
रंगोली प्रदर्शनी में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियां बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं, महिलाओं और युवतियों ने गरबा नृत्य में भाग लेकर उत्सव की रौनक बढ़ाई। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के संगम ने शारदोत्सव के माहौल को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। संवाद
धौलरा में शारदोत्सव में रंगोली बनाती छात्राएं। स्रोत: जागरूक पाठक