शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में आयोजित शिव महापुराण कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकालते श्
-शुभारंभ अवसर पर निकाली शिव पार्वती और हनुमान की सुंदर झांकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के तहत शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में सोमवार से शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। इससे पहले महापुराण कथा कलश यात्रा, शिव पार्वती और हनुमान की सुंदर झांकी के साथ शुरू हुई।
शिव शक्ति मंदिर के प्रधान लाला मनोहर लाल महाजन ने बताया कि सुबह 9 बजे से ही संतोषी माता मंदिर बरठीं में कथा वाचक पंडित मदन लाल दुर्वासा के स्वागत के लिए लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद शिव शक्ति जी की झांकी और कलश यात्रा संतोषी माता मंदिर से रवाना हुई। यह झांकी सरगल चौक मोहीं से होती हुई तीन किलोमीटर तक मंदिर में पहुंची। पहले दिन कथा सुनाते हुए कथा वाचक पंडित मदन लाल दुर्वासा ने कहा कि शिव महापुराण जिसमें कुल सात भाग संहिता है। इन संहिताओं में शिव पुराण पाठ के नियम विधि और पुराण पाठ के लाभ सहित शिव लीला की कथाएं हैं। इनके पाठ से शिव भक्त लोक और परलोक दोनों ही जगह सुख पाते हैं। उन्होंने कहा कि शिव पुराण 18 पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान शिव की लीला, कथाओं और उनकी पूजा विधि सहित शिवलिंग की उत्पत्ति और शिव भक्ति से संबंधित कथाएं हैं। शिव पुराण के पाठ का आप कभी भी शुभ मुहूर्त में आयोजन कर सकते हैं, लेकिन सावन के महीने में शिव पुराण को पढ़ना और सुनना बहुत ही पुण्य होता है। शिव पुराण में चंचल और उनके पति बिंदु की कथा मिलती है जिन्होंने शिव पुराण के श्रवण से शिवलोक में स्थान पाया। इन्हीं की कथाओं में शिव पुराण के महत्व का वर्णन भी मिलता है। साथ ही महर्षि व्यास जी के शिष्य सूत जी बताते हैं कि किस प्रकार से शिव पुराण का श्रवण करना चाहिए और इसे सुनने वालों को किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए। कथा का समापन न 27 फरवरी को भंडारे के साथ समापन होगा।
शिव शक्ति मंदिर कोटलु ब्राह्मणा में आयोजित शिव महापुराण कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकालते श्