वन विभाग की मंजूरी में अटका बहुमंजिला भवन निर्माण कार्य
लोगों को प्रशासनिक कामों में हो रही भारी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र में मिनी सचिवालय के निर्माण की घोषणा को सात वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक बहुमंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना वन विभाग की मंजूरी और जमीनी स्तर की प्रक्रिया में उलझी हुई है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक मिनी सचिवालय का निर्माण शुरू होना संभव नहीं दिख रहा।
मिनी सचिवालय न बनने के कारण झंडूता क्षेत्र के लोगों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र चारों ओर से सीर खड्ड और गोबिंद सागर झील से घिरा हुआ है। यहां के लोगों को उपमंडल स्तर के कार्यों के लिए अनंदघाट स्थित उपमंडल मुख्यालय जाना पड़ता है। स्थिति तब और कठिन हो जाती है, जब तीन किलोमीटर के दायरे में फैले विभिन्न सरकारी कार्यालयों के लिए एक ही काम के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। बता दें कि झंडूता में उपमंडल अधिकारी (नागरिक) का कार्यालय खोलने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अप्रैल 2016 में की थी। नवंबर 2016 में प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 दिसंबर 2016 को मुख्यमंत्री ने औपचारिक रूप से एसडीएम कार्यालय का उद्घाटन किया था। उस समय लोगों को एक ही छत के नीचे बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं देने का वादा किया गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद दिसंबर 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने झंडूता के विधायक जेआर कटवाल की मांग पर यहां मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा की थी। हैरानी की बात यह है कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में की गई ऐसी घोषणाओं पर मिनी सचिवालय बनकर तैयार हो चुके हैं, लेकिन झंडूता में यह योजना अब तक कागजों से बाहर नहीं आ पाई है। राजस्व विभाग ने अनंदघाट से सटी बरनोट की पहाड़ी पर मिनी सचिवालय के लिए करीब 40 बीघा भूमि चिह्नित की है। यहां अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित बहुमंजिला भवन में उपमंडल स्तर के सभी सरकारी कार्यालय एक ही छत के नीचे स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। राजस्व विभाग ने जमीन से जुड़ी आपत्तियों को दुरुस्त किया, लेकिन वन विभाग की ओर से बार-बार आपत्तियां आने के कारण मामला अब तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। वर्तमान में झंडूता में एसडीएम कार्यालय तहसीलदार कार्यालय में संचालित हो रहा है। नायब तहसीलदार और तहसीलदार एक ही कमरे में पिछले आठ वर्षों से काम कर रहे हैं। वहीं एसडीएम को अब तक आवासीय सुविधा भी नहीं मिल पाई है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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वन परिक्षेत्र अधिकारी झंडूता सुशील शर्मा ने बताया कि बरनोट की पहाड़ी पर बनने वाले मिनी सचिवालय के लिए वन विभाग की जमीनी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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प्रशासन ने आपत्तियों को दुरुस्त कर संबंधित विभाग को भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही मिनी सचिवालय के निर्माण को लेकर अटकलें दूर होंगी और भवन निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। - अर्शिया शर्मा, एसडीएम, झंडूता