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Bilaspur News: संस्कृत एवं संस्कृति संरक्षण संघ ने किया शास्त्री भर्ती का विरोध

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-शास्त्री बोले, शास्त्री की पोस्ट पर शास्त्रियों को ही नहीं बुलाया जा रहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। संस्कृत एवं संस्कृति संरक्षण संघ हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश में हो रही शास्त्री भर्ती का विरोध किया है। संघ का आरोप है कि प्रदेश सरकार 194 शास्त्रियों के पद भर रही है। इसमें शास्त्री की पोस्ट पर शास्त्रियों को ही नहीं बुलाया जा रहा है।
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बरठीं में आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ के मीडिया प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि सरकार ने नियम बदलकर नवंबर 17 और 18 को शास्त्रियों की काउंसलिंग के लिए बुलाया था। इसमें शास्त्री डिग्री धारकों को नहीं बुलाया गया था। इसका शास्त्रियों ने बहुत विरोध किया और मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए काउंसलिंग को यह कहकर रोक दिया था कि शास्त्री भर्ती नियमों को बदला जाएगा। अब सरकार ने शीतकालीन सत्र के बाद प्रदेश के लगभग चार हजार शास्त्रियों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए दोबारा पुराने नियमों से शास्त्री की भर्ती करने का आदेश जारी कर दिया। सरकार दोगली नीति अपनाकर शास्त्री वर्ग को आहत कर रही है। उन्होंने कहा कि शास्त्री भर्ती में शास्त्रियों को न बुलाकर बीएड धारकों को बुलाया गया है। पोस्ट सी एंड वी की है। इसमें शास्त्री, पीटीआई और ड्राइंग टीचर आते हैं। 2012 में आरएमपी रूल बना था कि शास्त्री की डिग्री 50 प्रतिशत अंकों के साथ अनिवार्य और टेट पास अभ्यर्थी को ही शास्त्री की पोस्ट पर नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जब उन्हें नौकरी मिलने का मौका आया तो सरकार ने एकाएक नियम बदल दिए। विडंबना तो इस बात की है कि पोस्ट शास्त्री की है और रखा उसमें बीएड, बीए, एमए वालों को जा रहा है, जो न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी पीड़ा को नहीं समझा तो वह उग्र आंदोलन करने पर विवश हो जाएंगे। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर सुनील कुमार, विनोद गौतम, रीता देवी, सपना कुमारी, पवन कुमार, पंकज कुमार, नितिन, रवि और अरुण मौजूद रहे।
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