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Bilaspur News: फोरलेन की रफ्तार में पिछड़ गया ऋषिकेश बाजार

Mon, 27 Apr 2026 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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दुकानदार प्रेमलाल
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पुरानी सड़क किनारे बसे दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट
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छोटे दुकानदारों की आमदनी पर इसका पड़ रहा है असर
साधन सीमित होने से उनके सामने परिवार चलाने की चुनौती

सरित शर्मा
ऋषिकेश(बिलासपुर)। विकास की रफ्तार लेकर आया कीरतपुर मनाली फोरलेन जहां लोगों के सफर को आसान बना रहा है, वहीं इसका दूसरा पक्ष स्थानीय कारोबारियों के लिए चिंता का कारण बन गया है। बेहतर सड़क सुविधा और तेज आवाजाही से शहरों के बीच दूरी भले कम हुई हो, लेकिन पुराने मार्गों पर वर्षों से कारोबार चला रहे छोटे दुकानदारों की आमदनी पर इसका गहरा असर पड़ा है।
पहले जब फोरलेन नहीं था, तब पुराने मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों, स्थानीय लोगों और राहगीरों की आवाजाही से सड़क किनारे बनी दुकानों पर रौनक रहती थी। राशन, मेडिकल, बिजली सामान, सिलाई, चाय-पकौड़े और अन्य छोटी दुकानों पर दिनभर ग्राहक आते-जाते रहते थे। इससे छोटे व्यापारियों का घर-परिवार चलता था। फोरलेन बनने के बाद यातायात का अधिकांश हिस्सा नई सड़क पर शिफ्ट हो गया है। अब लोग पुराने बाजारों और कस्बों में रुकने के बजाय सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचना पसंद करते हैं। कई लोग सामान खरीदने के लिए बड़े शहरों जैसे चंडीगढ़ या अन्य बाजारों का रुख कर लेते हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों के पास ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि फोरलेन आने से हर तरह के व्यवसाय पर फर्क पड़ा है। राशन की दुकानों से लेकर टेलरिंग, मेडिकल स्टोर, इलेक्ट्रिकल सामान और छोटे जनरल स्टोर तक सभी प्रभावित हुए हैं। पहले जो ग्राहक रोजाना आते थे, अब उनकी संख्या काफी कम हो गई है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि आय के साधन सीमित होने से उनके सामने परिवार चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है। खासकर व्यापारी जो पूरी तरह स्थानीय ग्राहकों और सड़क से गुजरने वाले लोगों पर निर्भर थे, सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ स्थानीय बाजारों और छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक योजनाएं भी बनाई जानी चाहिए, ताकि विकास की दौड़ में छोटे कारोबार पीछे न छूटें। संवाद
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इनसेट
दुकानदार प्रेमलाल का कहना है कि पुरानी सड़क पर लोगों का आना जाना काम हो गया जिसके चलते दुकानदारी में फर्क पड़ा है। सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाना चाहिए।
इनसेट
दुकानदार जगन्नाथ का कहना है कि लोग छोटे सामान के लिए हमारी दुकानों में आते हैं जब कोई बड़ा सामान खरीदना हो तो बाहर चले जाते है। इससे उनके व्यापार पर असर पड़ रहा है।
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इनसेट
दुकानदार कर्मदीन का कहना है आने जाने के लिए सुविधा तो हुई है, लेकिन व्यवसाय की दृष्टि से स्थानीय लोगों का रोजगार खत्म हो गया। पुरानी सड़क पर लोगों का आना-जाना काम हो गया जिसके चलते दुकानदारी पर फर्क पड़ा है

दुकानदार प्रेमलाल

दुकानदार प्रेमलाल

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