विधायक बोले, अधिकारियों से बातचीत के दौरान पुलिस ने जनप्रतिनिधियों पर किया लाठीचार्ज
-
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अली खड्ड विवाद को लेकर विधानसभा में रणधीर शर्मा ने कहा कि त्रिवेणी घाट में 13 फरवरी को जब वहां पर वह अधिकारियों से बात कर रहे, तो सोलन पुलिस ने डीएसपी के नेतृत्व में उन पर लाठीचार्ज और पथराव कर दिया। इससे वह भी घायल हुए और साथ में अन्य जनप्रतिनिधियों को भी चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि बहुत महत्वपूर्ण विषय है। यह लोकतंत्र है और यदि इसमें आंदोलन करना गुनाह है तो वह कहां जाएंगे।
विधायक ने कहा कि अगर सोलन और बिलासपुर में ही भारत-पाकिस्तान बॉर्डर बना देना है तो वह आपकी मर्जी है। रणधीर ने कहा कि लाठीचार्ज के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उल्टा उन पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। ऐसी-ऐसी धाराएं उन पर लगाई गईं, जिनका इससे कोर्ई लेना देना नहीं है। उन पर डकैती, भड़काने की धारा और गैरकानूनी सभा की धारा लगा दी गई। जब आंदोलन करना है तो लोग तो इकट्ठा होंगे ही। किसी ने कोई डकैती नहीं की है। इस तरह की धाराएं चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा एक दम से खड़ा नहीं हुआ है। 22 दिन से यह आंदोलन चल रहा है। 25 जनवरी को मुख्यमंत्री के समक्ष प्लानिंग की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसके लिए इसके लिए संयुक्त कमेटी का गठन करेंगे। 31 जनवरी को उप मुख्यमंत्री से मिले और उन्होंने कहा कि कमेटी बन गई है और रिपोर्ट आने तक काम नहीं चलेगा। 1 फरवरी को मुख्यमंत्री के निर्देश पर कमेटी की अधिसूचना हुई। कमेटी ने एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी। इसके बावजूद काम नहीं रोका गया। रणधीर ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों से वहां पर बात की और कहा कि रिपोर्ट आने दें और तब तक काम रोकें। एक दिन काम रूका फिर शुरू हो गया। इसके बाद फिर वह मुख्यमंत्री से मिले और उन्होंने भी अधिकारियों को काम रोकने के लिए कहा। उसके बावजूद पुलिस की सुरक्षा में ठेकेदार से काम कराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा कौन सुपर मुख्यमंत्री है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के मना करने के बाद भी वहां पर काम चलता रहा। वहां पर बटालियन और डीएसपी मौजूद रहे, ताकि वहां पर कोई और न जा सके। उन्होंने कहा कि हाइड्रोलॉजिस्ट की रिपोर्ट के बगैर ही इतनी बड़ी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा है कि अगर पानी देना है तो कोल डैम से पानी दिया जाए। इस योजना को बंद किया जाए। साथ ही जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसे वापस लिया जाए।
test
test
test