घुमारवीं में बांग्लादेश के हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में रैली निकालते लोग। संवाद
अत्याचार के खिलाफ दुकानें बंद करके सड़कों पर उतरे कारोबारी और लोग
बिना पंजीकरण के प्रदेश में रह रहे प्रवासी लोगों पर भी कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में शुक्रवार को घुमारवीं शहर में लोगों और व्यापारियों ने सडक़ पर उतर कर आक्रोश रैली निकानी । रैली का नेतृत्व संवेदना संस्था ने किया।
पूरे शहर के दुकानदारों ने एकजुट होकर दोपहर 12 बजे तक अपनी दुकानें बंद रख इस आक्रोश रैली में हिस्सा लेकर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने की मांग उठाई। आक्रोश रैली के लिए सुबह 8 बजे से ही लोग तय किए स्थान पर भगवा और तिरंगे झंडों के साथ इकट्ठा होना शुरू हो गए। घुमारवीं के दकड़ी चौक से लेकर एसडीएम कार्यालय तक इस रैली का आयोजन किया गया। इसके बाद हिंदू समाज के लोगों ने राज्यपाल और राष्ट्रपति को उपमंडल अधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही यह भी बताया कि नरसंहार और अत्याचार के विरोध में पूरा भारत बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़ा है ।
राज्यपाल को भेजे गए इस ज्ञापन में बताया कि हिमाचल प्रदेश में अवैध रूप और बिना पंजीकरण के रह रहे प्रवासियों, गांव-गांव जाकर फेरी लगाने वाले, लॉटरी वाले, सड़क किनारे ठेले लगाने वाले प्रवासियों के कारण सामाजिक असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन में मांग की कि अवैध रूप से और बिना पंजीकरण के रह रहे प्रवासियों और बिना किसी पंजीकरण के खाद्य पदार्थ बेचने वाले इन लोगों को तुरंत प्रभाव से प्रदेश से बाहर किया जाए। साथ ही प्रदेश में प्रवासियों के पंजीकरण की अनिवार्यता को भी सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को शीघ्र बाहर किए जाने की मांग की भी गई। कहा कि इन रोहिंग्या की हर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है जो कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश की सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं है। रैली में कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार को सहन नहीं किया जाएगा। जिस तरह से बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है, उसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।