द्रोबड़ पंचायत में हादसा, घायल अस्पताल में उपचाराधीन
फोरलेन पर भूस्खलन से जकातखाना से मैहला तक यातायात वन-वे
लगातार बारिश ने बढ़ाईं दुश्वारियां, अब तक 80 करोड़ का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले और खड्डें उफान पर हैं, भूस्खलन से कई सड़कें बंद हो गई हैं और फोरलेन पर यातायात बाधित है। द्रोबड़ पंचायत में बिजली गिरने से चार मवेशियों की मौत हो गई और एक महिला घायल हो गई। अब तक बारिश से सरकारी और निजी संपत्ति को लगभग 80 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
बिलासपुर सदर की द्रोबड़ पंचायत में बिजली गिरने से चार मवेशियों की मौत हो गई जबकि एक महिला घायल हो गई। घायल महिला उमा देवी पत्नी संजय का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। रविवार दोपहर वह मवेशियों को पानी पिलाने और चारा डालने के लिए घर के पास गोशाला में गई थीं। मवेशियों को बाहर बांधा हुआ था। इसी बीच बिजली गिर गई। इससे भूराराम और संजय की दो भैंसें तथा दो बकरियों की मौके पर मौत हो गई। इसके अलावा उमा देवी घायल हो गईं। उनकी बाजू में चोट लगी है। आवाज सुनकर परिजन गोशाला पहुंचे। वे घायल उमा को गाड़ी से अस्पताल ले गए। सूचना मिलने पर खारसी पुलिस चौकी से टीम मौके पर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए। पशु चिकित्सक भी मौके पर पहुंचे। इस घटना में परिजनों को करीब दो लाख रुपये के पशुधन का नुकसान हुआ है।
फोरलेन और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन बाधित
लगातार बारिश से किरतपुर-मनाली फोरलेन पर यातायात बाधित है। कई किलोमीटर तक वन-वे यातायात चल रहा है। इससे जाम की स्थिति बन रही है और वाहन चालक भी परेशान हैं। फोरलेन पर मंडी-भराड़ी चौक के पास लगातार भूस्खलन हो रहा है। जकातखाना से मैहला तक भी कई जगह पहाड़ से पत्थर और मलबा गिर रहा है। इससे यातायात वन-वे चल रहा है। ग्राम पंचायत री के गरामोड़ा गांव की संपर्क सड़क पर भारी भूस्खलन हुआ है। इससे गांव सड़क सुविधा से कट गया है। सड़क बंद होने से नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हो रही है।
इसके अलावा स्वारघाट के भुलाण गांव में दलीप सिंह की टीनपोश पशुशाला गिर गई। गनीमत रही कि खतरे को देखते हुए मवेशियों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था। बारिश से सड़कों पर गड्ढे पड़ गए हैं। मिट्टी-बजरी आने से गाड़ी चालकों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है। इस कारण राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। अब तक जिले में निजी और सरकारी संपत्ति को करीब 80 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
द्रोबड़ में आसमानी बिजली गिरने से मरी बकरियां। संवाद