राहुल गांधी ने कहा कि पीएम आवास योजना में जो हिंदुस्तान के सरकार की जिम्मेदारी है, उसमें अभी हिंदुस्तान की सरकार ने जो छत्तीसगढ़ को पैसा देना था वह नहीं दिया है। सात लाख लोगों को जो आवास दिल्ली सरकार के पैसे से मिलना था वह नहीं मिला। उनके लिए भी आज छत्तीसगढ़ की सरकार ने पैसा दे दिया है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने दिल्ली की सरकार से अनुरोध किया कि आपकी जो जिम्मेदारी है उसे पूरा कीजिए लेकिन दिल्ली की सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही।
'छत्तीसगढ़ सरकार 9500 करोड रुपए रिमोट कंट्रोल से आपके खाते में डालेगी'
राहुल गांधी ने कहा कि आज करीब 1200 करोड़ रुपए रिमोट कंट्रोल से आपके खाते में गया है। अगले पांच साल के अंदर छत्तीसगढ़ की सरकार 9500 करोड रुपए रिमोट कंट्रोल से आपके खाते में डालने जा रही है। हमने पिछले चुनाव में आपसे दो-तीन वादे किए थे। यह छोटे वादे नहीं थे छत्तीसगढ़ को बदलने वाले, छत्तीसगढ़ को मजबूत करने वाले यह वादे थे। किसानों का कर्ज माफ, बिजली बिल हाफ और 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान के लिए हमने वादा किया था। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कांग्रेस पार्टी इन वादों को पूरा नहीं कर सकती। आज सच्चाई आपके सामने है।
'हमने जो वादा किया, उसे पूरे किया'
राहुल गांधी ने कहा कि हमने जो वादा किया उसे पूरे किया। किसान न्याय योजना में 21000 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ के किसानों को सब्सिडी के माध्यम से दिया गया। जिन किसानों के पास जमीन नहीं थी उनकी भी हमने मदद की। आदिवासियों को एसपी फॉरेस्ट प्रोड्यूस के लिए और देश में फॉरेस्ट राइट एक्ट का इंप्लीमेंटेशन छत्तीसगढ़ सरकार ने किया। स्वास्थ्य में पांच लाख रुपए परिवार के लिए 70 लाख परिवारों को फायदा मिला है। 380 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले गए हैं और 42000 पदों पर भर्ती गई है। 1.3 लाख युवाओं को 2000 ढाई हजार 500 बेरोजगारी भत्ता दिया गया है। यह सब आप भी जानते हैं।
देश में दो रिमोट कंट्रोल की राजनीति
राहुल गांधी ने बीजेपी और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरी तरफ भी रिमोट कंट्रोल है। बीजेपी रिमोट कंट्रोल को चोरी-छिपे दबाती है। हमने कैमरे के सामने रिमोट कंट्रोल दबाया। पीएम नरेंद्र मोदी चोरी चुपके कंट्रोल दबाते हैं, जैसे रिमोट दबता है एक तरफ अदानी को मुंबई का एयरपोर्ट मिल जाता है। जब दोबारा दबाते हैं तो अदाणी को रेलवे का कॉट्रैक्ट मिल जाता है। फिर दबाते हैं. तो इंफ्रास्ट्रक्चर मिल जाता है। तो देश में दो रिमोट कंट्रोल चल रहे हैं। एक मेरा जो सबके सामने चलता है, हम इसे दबाते हैं तो किसानों के खाते में पैसा चला जाता है। 2500 क्विंटल धान में मिलता है। अंग्रेजी स्कूल खुलते हैं, लेकिन बीजेपी दबाती है तब पब्लिक सेक्टर प्राइवेट हो जाता है। आपका जल, जंगल, जमीन उनके छिपे बटन से अडानी के हवाले हो जाता है।
'जब मैंने सवाल पूछा तो मेरी सदस्यता रद्द कर दी गई'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि जब मैंने उनके रिमोट के कंट्रोल के बारे में पार्लियामेंट में बात उठाई। पीएम मोदी से पूछा कि आपका अदानी से क्या रिश्ता है? आरोप लगाते हुए कहा कि अदानी को पूरा का पूरा फायदा, एयरपोर्ट में पूरा फायदा। मैंने पीएम से पूछा आपका यह रिश्ता क्या है? उनके हवाई जहाज में आप जाते हैं, यह क्या रिश्ता है। जवाब में मेरी लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी गई। लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम कांग्रेसी हैं और सच्चाई आपके सामने रखते हैं। झूठे वादे हम नहीं करते हैं जो हम कहते हैं वह करते हैं।
केंद्र सरकार नहीं पेश कर रही कास्ट डेटा- राहुल
सांसद राहुल गांधी ने कहा कि एक नया मुद्दा उठ गया है नरेंद्र मोदी जहां भी जाते हैं ओबीसी वर्ग की बात करते हैं। कांग्रेस पार्टी के पास हर जाति के लोगों का डाटा है। केंद्र सरकार के पास भी है, लेकिन नरेंद्र मोदी वह डाटा देश को नहीं दिखाना चाहते। मैंने सेंसेक्स पर भाषण दिया जैसे कास्ट सेंस की बात करता था। कैमरा दूसरी तरफ मोड़ दिया जाता था। मैंने एक आंकड़ा निकाला। हिंदुस्तान की सरकार को एमपी नहीं चलाते हैं, हिंदुस्तान की सरकार को सेक्रेटरी और कैबिनेट सेक्रेटरी चलाते हैं। कोई भी योजना बनती है तो 90 सेक्रेटरी है हिंदुस्तान के सरकार के, हर मिनिस्ट्री में वह योजना को डिजाइन करते हैं कि कितना पैसा कहां पर जाएगा वह डिसाइड करते हैं।
'ओबीसी समाज को लेकर केंद्र सरकार को घेरा, कहा- 90 व्यूरोक्रेटस में सिर्फ तीन लोग ओबीसी'
मैंने चेक किया कि इन 90 लोगों में से नरेंद्र मोदी की सरकार में पिछड़े वर्ग के कितने लोग हैं, जो सिर्फ तीन लोग ओबीसी समाज से हैं और वह तीन लोग हिंदुस्तान का बजट कंट्रोल करते हैं। क्या हिंदुस्तान में सिर्फ पांच% ओबीसी हैं ? यह सबसे बड़ा सवाल है। इस सवाल पर जवाब सिर्फ कास्ट सेंसर से मिल सकता है। किसी को चोट लगती है तो सबसे पहले एक्सेस-रे होता है। कास्ट सेंसेस जाति का एक्सरे है। इससे पूरे देश को पता चल जाता है, ओबीसी कितने हैं, दलित कितने हैं, आदिवासी कितने हैं, महिलाएं कितनी है, जनरल कास्ट के लोग कितने हैं और एक बार यह डाटा हिंदुस्तान की जनता के हाथ में होगा तो फिर देश सब लोगों को लेकर सबको भागीदारी से देश आगे बढ़ेगा।