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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी तेज

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यूरोलॉजी विभाग के विशेष प्रयासों से पहुंचा रोबोटिक ट्रक ऑन व्हील
आधुनिक सर्जरी तकनीक से डॉक्टरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण
भविष्य में यूरोलॉजी, जनरल सर्जरी, ऑर्थो सहित कई विभागों में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी सेवाएं

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की गई है। संस्थान में भविष्य में रोबोटिक सर्जरी सेवाएं शुरू करने की तैयारी के तहत यूरोलॉजी विभाग के मुखिया डॉक्टर उमाकांत दत्त के प्रयासों से दो दिनों के लिए अत्याधुनिक रोबोटिक ट्रक ऑन व्हील मंगवाया गया है। यह विशेष डेमो यूनिट एम्स परिसर के इमरजेंसी ब्लॉक के सामने स्थापित की गई है, जहां डॉक्टरों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग ऑफिसर्स और ऑपरेशन थिएटर स्टाफ को रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह पहल मुख्य रूप से एम्स के यूरोलॉजी विभाग की ओर से की गई है। एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉक्टर दलजीत सिंह के मार्गदर्शन में चिकित्सकों का उद्देश्य संस्थान में आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी तकनीक को स्थापित करना और मेडिकल स्टाफ को इसके लिए तैयार करना है। इसी उद्देश्य से यह डेमो और ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया है। इस ट्रक ऑन व्हील में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का लाइव डेमो दिया जा रहा है। मेडिकल स्टाफ को बताया जा रहा है कि ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक आर्म किस प्रकार कार्य करती है, सर्जन किस तरह कंसोल से मशीन को नियंत्रित करता है तथा जटिल सर्जरी को अधिक सटीकता के साथ कैसे किया जाता है। एम्स के कुलपति डॉक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल यह केवल एक्सपोजर और ट्रेनिंग कार्यक्रम है, लेकिन भविष्य में एम्स बिलासपुर में रोबोटिक सर्जरी यूनिट स्थापित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है। इसके तहत यूरोलॉजी के अलावा जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, गायनी और अन्य सर्जिकल विभागों को भी शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। कार्यकारी निदेशक ने भी इस रोबोटिक ट्रक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को संस्थान में लाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से डॉक्टर उमाकांत दत्त और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। कहा रोबोटिक सर्जरी तकनीक मरीजों के उपचार में कई मायनों में लाभकारी मानी जाती है। इससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता से किए जा सकते हैं। साथ ही मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, छोटे चीरे, संक्रमण का कम खतरा और तेजी से रिकवरी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यही कारण है कि देश के बड़े चिकित्सा संस्थानों में अब रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
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संस्थान के चिकित्सकों का मानना है कि यदि भविष्य में एम्स बिलासपुर में यह सुविधा शुरू होती है तो हिमाचल प्रदेश के मरीजों को बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश के लोगों को घर के नजदीक ही अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इनसेट
भविष्य में मरीजों को मिल सकती हैं ये आधुनिक सुविधाएं
जटिल सर्जरी में अधिक सटीक और सुरक्षित उपचार, शरीर पर छोटे चीरे और कम रक्तस्राव, ऑपरेशन के बाद कम दर्द और तेजी से रिकवरी, संक्रमण का कम खतरा, अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने की जरूरत,यूरोलॉजी, कैंसर, गैस्ट्रो और ऑर्थो सर्जरी में बेहतर परिणाम मिलेंगे। हिमाचल के मरीजों को बड़े शहरों में रेफर होने से राहत मिलेगी। मेडिकल स्टाफ को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण और रिसर्च के नए अवसर मिलेंगे।
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इनसेट
क्या है रोबोटिक ट्रक ऑन व्हील
यह एक विशेष मोबाइल डेमो यूनिट होती है, जिसमें अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सिस्टम लगाया जाता है। इसका उपयोग मेडिकल संस्थानों में डॉक्टरों और सर्जिकल स्टाफ को प्रशिक्षण देने, लाइव डेमो दिखाने और आधुनिक सर्जरी तकनीकों से परिचित कराने के लिए किया जाता है। सामान्य तौर पर इस तरह की यूनिट बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत भेजी जाती है।
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