कथा व्यास पंडित जीवानंद शैल ने श्रद्धालुओं को बताया शिव के निराकार और साकार स्वरूप का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चंगर सेक्टर स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में श्री शिव महापुराण कथा जारी है। कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित जीवानंद शैल ने भगवान शिव की महिमा, उनके स्वरूप और शिव तत्व के धार्मिक महत्व से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को शिव भक्ति का महत्व बताया। कथा में शिव पुराण में वर्णित धार्मिक प्रसंगों के जरिये भगवान शिव के निराकार और साकार स्वरूप को समझाया गया।
शिव महापुराण में भगवान शिव के स्वरूप और सृष्टि से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन मिलता है। भगवान शिव के निराकार स्वरूप को उस परम तत्व के रूप में समझा जाता है, जो किसी एक आकार तक सीमित नहीं है। वहीं, साकार स्वरूप में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। शिव पुराण में शिव तत्व को समझने और भगवान की आराधना के महत्व से जुड़े प्रसंगों का विशेष स्थान है। शिव महापुराण भगवान शिव की महिमा और उनकी लीलाओं का वर्णन करने वाला प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है। इसमें भगवान शिव की उपासना, शिवलिंग के महत्व और शिव भक्ति से जुड़े अनेक प्रसंग मिलते हैं।