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Bilaspur News: घुमारवीं में सीवरेज व्यवस्था का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किया निरीक्षण

Sat, 03 May 2025 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर। संवाद - फोटो : credit
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अमर उजाला इंपेक्ट
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-खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे में जांच करने पहुंची टीम, सीवरेज और पेयजल के सैंपल भरे
बिना ट्रीटमेंट सीर खड्ड में बह रहा गंदा पानी, प्लांट में नहीं उपयोग किया जा रहा रसायन
-तीन जगह से लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे लैब

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं शहर में सीवरेज की बदहाल व्यवस्था पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने कड़ा संज्ञान लिया है। बोर्ड के अधिकारियों ने शनिवार को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदा पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे सीर खड्ड में छोड़ा जा रहा है। संभावना है कि इस गंदे पानी के सीर खड्ड में मिलने से खड्ड की पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
अमर उजाला द्वारा शनिवार के अंक में उठाए गए घुमारवीं शहर की सीवरेज व्यवस्था के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के भीतर ही प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम बिलासपुर से घुमारवीं पहुंची और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। क्षेत्रीय अधिकारी पवन शर्मा ने इस पूरी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जब ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया तो पाया कि प्लांट में न तो सीवरेज के पानी के ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था है और न ही कोई आवश्यक रसायन जैसे ब्लीचिंग पाउडर या अन्य केमिकल मौजूद हैं। यही नहीं सीवरेज प्लांट के टैंक में लगाई गई मोटर भी पिछले कई दिनों से खराब पड़ी थी। यह देखकर बोर्ड के अधिकारी भी स्तब्ध रह गए कि बिना किसी प्रक्रिया के यह प्रदूषित पानी प्रतिदिन सीर खड्ड में बहाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जल शक्ति विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि उन्होंने तकनीकी खराबी की बात कही, लेकिन प्लांट की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही थी। ट्रीटमेंट प्लांट की बदहाली और लचर व्यवस्था ने साफ कर दिया कि गंदे पानी को शुद्ध करने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। टीम ने निरीक्षण के बाद सीर खड्ड से पानी के सैंपल लिए और ट्रीटमेंट प्लांट से खड्ड में डाली गई पाइप से निकल रहे पानी के नमूने भी एकत्र किए। इन सभी सैंपलों को अब लैब जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण का पता लगाया जा सके।
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निरीक्षण के दौरान बोर्ड अधिकारियों ने यह भी पाया कि प्लांट के साथ बहने वाला एक गंदा नाला भी सीर खड्ड में मिल रहा है। इस नाले के पानी के भी सैंपल लिए गए हैं और इस संदर्भ में नगर परिषद के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। यह गंभीर मामला न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से खतरनाक है, बल्कि इससे आमजन के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है। चिंता की बात तो यह रही कि न तो जल शक्ति विभाग और न ही नगर परिषद के पास इस समस्या के समाधान की कोई ठोस योजना तैयार है। न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था है और न ही भविष्य की कोई रणनीति। इस पूरे मामले ने एक बार फिर से सरकारी तंत्र की उदासीनता और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर लापरवाही की पोल खोल दी है।
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कोट
घुमारवीं के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पानी बिना किसी उचित व्यवस्था के साथ बह रहे जल स्रोत में छोड़ा जा रहा था। जल शक्ति विभाग को इस पानी को रोकने के लिए व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही तीन जगह से पानी के सैंपल भी एकत्रित किए गए हैं जिन्हें लैब भेजा जाएगा। सैंपल के परिणाम आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पवन शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर

अमर उजाला में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : credit

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