बिलासपुर में फिश एंग्लिंग प्रतियोगिता में विजेता एंग्लरों को पुरस्कार बांटते मुख्यातिथि।
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बिलासपुर। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जिले में साहसिक खेलों के आयोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला को प्रकृति ने एक अनोखा वरदान दिया है। यहां की सुंदर बंदला की धार और गोबिंद सागर झील व कोलडैम साहसिक खेलों में रुचि रखने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह बात सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने फिश एंग्लिंग प्रतियोगिता में विजेता एंग्लरों के लिए आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि गोबिंद सागर झील और कोलडैम जलाश्य को पर्यटकों के लिए विकसित किया जाएगा और भविष्य में जल क्रीड़ाएं भी आयोजित करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि गोबिंद सागर झील तथा कोलडैम से लगभग 3500 मछुआरा परिवारों को रोजगार भी मिला हुआ है जिससे वे अपने परिवार का भरण पोषण करके अपनी आर्थिकी भी सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए बंदलाधार पर पैराग्लाइडिंग स्पॉट विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17, 18 व 19 नवंबर को नेशनल पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाएगा।
निदेशक सतपाल मेहता ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में एंग्लिंग को पर्यटन के साथ जोड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे जहां एंग्लिंग के शौकीन लोगों को लाभ मिलेगा वहीं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। फिश एंग्लिंग प्रतियोगिता में 44 एंग्लरों ने भाग लिया।
अधिकतम वजन वाली मछली पकड़ने वाले एंग्लर में चंडीगढ़ के पारस प्रथम, दिल्ली के शिवकुमार दूसरे स्थान पर तथा गुरदासपुर के अब्दुल हवीज तीसरे स्थान पर रहे।
इस अवसर पर एडीएम विनय धीमान, निदेशक मत्स्य विभाग सतपाल मेहता, उपनिदेशक
महेश कुमार, सहायक निदेशक श्यामलाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष आशीष ढिल्लों, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष राकेश कुमार, फ्रिशरमैन प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष मुनीर अख्तर के अतिरिक्त अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।