लेखक संघ बिलासपुर की मासिक मौजूद लेखक और अन्य लोग । स्त्रोत संघ
सठवीं गांव में काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर । लेखक संघ बिलासपुर की मासिक बैठक झंडूता क्षेत्र के अंतर्गत सठवीं गांव में हुई, जिसमें अध्यक्षता डॉ.रविंद्र ठाकुर ने की। मुख्यातिथि संघ के संरक्षक कर्नल जसवंत सिंह चंदेल मौजूद रहे जबकि डा. लेख राम शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र का आरंभ साईं समिति की ओर से भजन कीर्तन से किया गया। इस अवसर पर संघ के सदस्य रहे हरि दास जनेऊ को याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनके ओर से साहित्य को दिए गए योगदान की प्रशंसा की गई। इसके बाद काव्य गोष्ठी का आगाज कुसुम शर्मा के गीत संगठन गढ़ चलो, सुपथ पर बढ़े चलो से हुआ। एनआर हितैषी ने अपनी कविता सरकार ने स्कूल परीक्षाओं के उन्मूलन के लिए सर्व दलीय बैठक बुलाई प्रस्तुत करके वाहवाही लूटी। जसवंत सिंह चंदेल ने बड़े न समझ है वह लोग जो जन्म से पूर्व ही भ्रूण हत्या करवा देते है। रविंद्र साथी ने लोहड़ी पर अपनी रचना जय लोहड़ी की तिगड़ी, बनाए सब की बिगड़ी प्रस्तुत की। ममता कुमारी ने बिलासपुर लेखक संघर्ष पररचना प्रस्तुत की। सुरजीत चंदेल ने पहाड़ी में अपनी रचना फेसबुका री चढ़ी खुमारी, रोज रील बनांदी गप्पूये री प्रस्तुत करके सबको हंसाया। कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने कभी गिरा कभी उठा और कभी उठा नहीं, डॉ. रविंद्र ठाकुर ने माना भारत माता की बिंदी है, अभी राष्ट्रभाषा कहां हिंदी है प्रस्तुत की। शीला सिंह ने इक्कीसवीं सदी में जी रहे हैं हम फिर भी कितने पिछड़े हुए हैं हम प्रस्तुत की। रविंद्र कुमार शर्मा ने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए अपनी कविता पंचायत के चुनाव आ गए,मेरी भी मौज लगा दो जी, एक समस्या आ गई, उसका हल करवा दो जी,मुझे भी प्रधान बना दो जी प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। रूप शर्मा ने लालचंद प्रार्थी के ऊपर अपनी रचना प्रस्तुत की। संघ ने यह निर्णय लिया कि प्यारेलाल जनेऊ के घर पर एक लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जिसके लिए बिलासपुर लेखक संघ भी अपनी किताबें देगा। कर्नल जसवंत सिंह चंदेल की ओर से भी लाइब्रेरी के लिए कुछ किताबें भेंट की गई। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें जिला भर से उपस्थित लगभग 25 कवियों ने अपनी नवीनतम रचनाओं के साथ प्रस्तुति दी। इस अवसर पर मातृशक्ति की उपस्थिति उत्साहवर्धक रही। काव्य गोष्ठी का मंच संचालन रवींद्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर बहुत संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित।अंत में प्रोफेसर जनेऊ ने सभी उपस्थित साहित्यकारों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।