पंच परमेश्वर से लेकर जिला पार्षद बनने तक की लड़ाई जीतने से पहले चुनावी रणभूमि में उतरने के लिए इच्छुक उम्मीदवार हर पैंतरा अपना रहे हैं।
पार्टी के समर्थन के लिए नेताओं के दर हाजरी भरी जा रही है, तो चुनावी नैय्या पार लगाने के लिए देवताओं के दर भी शीश नवाया जा रहा है। कई नेता अपने ग्रह और नक्षत्र जांचने के लिए ज्योतिषियों से भी परामर्श लिया जा रहा है।
पंचायत चुनावों का बिगुल बजते ही मिनी संसद के चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार देवताओं, ज्योतिषियों से लेकर नेताओं की शरण में पहुंच रहे हैं।
राजनीतिक दलों से समर्थन लेने को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की होड़ लगी है। राजनीतिक दलों का शीर्ष नेतृत्व भी अप्रत्यक्ष रूप से समर्थित उम्मीदवारों को चुनावी रण में उतारने के लिए माथापच्ची में जुटा है।
राजनीतिक दलों के समर्थित उम्मीदवार बनने के चाहवान आवेदन के लिए गठित कमेटी सदस्यों के पास पहुंच रहे हैं। इनमें कइयों के नाम फाइनल हो गए हैं, जबकि कई स्थानों पर नाम फाइनल किए जा रहे हैं।
वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार देवी-देवताओं की शरण में जाकर मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना कर रहे हैं। चुनावी अखाड़े में उतरने से पहले उम्मीदवार ज्योतिषियों से भी ग्रह चाल की गणना करवा रहे हैं।
ज्योतिष एवं कथावाचक पंडित प्रकाश चंद शैल, ज्योतिषाचार्य डा. चमन शर्मा और पंडित गोपाल शर्मा ने बताया कि पंचायत चुनावों में चुनाव लड़ने वाले लगभग 15 उम्मीदवार प्रतिदिन अपनी कुंडलियां लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं। नामांकन भरने और प्रचार अभियान में जाने के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में पूछ रहे हैं।
सदर भाजपा मंडल के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर ने बताया कि जिला परिषद के चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन पहुंच रहे हैं। एक वार्ड के लिए तीन से चार उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। पार्टी शीघ्र ही समर्थित उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाएगी।