एक साल से भारी वाहनों की आवाजाही से दो किलोमीटर सड़क हुई खस्ताहाल
ग्रामीणों ने मरम्मत और कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित आनंदघाट से शहीद देशराज ठाकुर संपर्क सड़क पर अब सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। आनंदघाट से अमरोआ तक करीब दो किलोमीटर लंबे इस मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब एक वर्ष से इस मार्ग पर लगातार भारी और ओवरलोड टिपरों की आवाजाही हो रही है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नतीजा यह हुआ कि ग्रामीणों की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह सड़क अब लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गई है। सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां सही है और कहां गहरा गड्ढा है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलने के डर से धीमी गति से चलने को मजबूर हैं। पैदल चलने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भी हर रोज जोखिम उठाना पड़ रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सड़क झंडूता उपमंडल मुख्यालय के आनंदघाट स्थित एसडीएम कार्यालय के बिल्कुल नजदीक से गुजरती है। इसके बावजूद क्षमता से अधिक लोड लेकर गुजरने वाले वाहनों पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाया गया होता तो सड़क की यह दुर्दशा नहीं होती। यह केवल सड़क का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है। इसी मार्ग से किसान अपनी उपज लेकर बाजार जाते हैं, बच्चे स्कूल पहुंचते हैं, मरीज अस्पताल जाते हैं और ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। सड़क की बदहाली ने इन सभी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सबसे पहले ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाई जाए और इसके बाद क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो सड़क पूरी तरह टूट जाएगी और भविष्य में इसकी मरम्मत पर सरकार को और अधिक खर्च उठाना पड़ेगा।
आज तक नहीं हुई कार्रवाई
राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि आनंदघाट से अमरोआ सड़क एसडीएम कार्यालय के बिल्कुल नजदीक है। इसके बावजूद रोजाना भारी वाहन गुजर रहे हैं। यदि प्रशासन चाहे तो ओवरलोडिंग पर आसानी से रोक लगाई जा सकती है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।
पुलिस को चलाना चाहिए जांच अभियान
देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण संपर्क सड़कों का निर्माण भारी वाहनों के लिए नहीं किया जाता। क्षमता से अधिक लोड वाले वाहन सड़क को समय से पहले खराब कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को नियमित जांच अभियान चलाना चाहिए।
हर समय दुर्घटना का डर
कर्ण ठाकुर के अनुसार सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है। छोटे वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
विभाग जल्द करे सड़क की मरम्मत
नमन ठाकुर का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को सड़क की तत्काल मरम्मत शुरू करनी चाहिए। साथ ही ऐसे वाहनों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो सड़क को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कोट
ग्रामीणों की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। सड़क का निरीक्षण कराया जाएगा। भारी वाहनों और ओवरलोडिंग के संबंध में संबंधित विभागों से भी समन्वय किया जाएगा और सड़क की मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-ज्ञान चंद शर्मा,अधिशासी अभियंता,लोक निर्माण विभाग, झंडूता मंडल
राजेंद्र ठाकुर
राजेंद्र ठाकुर
राजेंद्र ठाकुर
राजेंद्र ठाकुर