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Bilaspur News: क्षेत्रीय अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी से टल रहे ऑपरेशन

Mon, 02 Dec 2024 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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- अस्पताल में एक मात्र एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की ही कार्यरत
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- करीब एक साल से खाली चल रहा दूसरा पद

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी के कारण मरीजों को बेहतर ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कई बार अस्पताल में ऑपरेशन तक स्थगित होने लगे हैं। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है, जहां वह हजारों रुपये खर्च कर आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल में एनेस्थीसिया के लिए 2 पद स्वीकृत हैं। लेकिन एक ही एनेस्थीसिया विशेषज्ञ कार्यरत है। अस्पताल में विशेषज्ञों चिकित्सकों की ओर से हर रोज ऑपरेशन रखे जाते हैं। ऑपरेशन के लिए एनेस्थीसिया डॉक्टर होना जरूरी होता है। लेकिन अस्पताल में कार्यरत एक मात्र एनेस्थीसिया के अवकाश पर होने से ऑपरेशन टल जाते हैं। इससे मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। कोई भी ऑपरेशन करने पर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की अहम भूमिका होती है। ऑपरेशन के पहले मरीज को बेहोश करने और इस दौरान उनकी स्थिति से पूरी तरह वाकिफ रहने का काम एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ही करते हैं। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध न होने पर मरीज को बेहोश नहीं किया जा सकता है। ऐसे में ऑपरेशन स्थगित कर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की उपलब्धता वाले दिन रखा जाता है। कई बार आपातकाल में पहुंचने वाले मरीज को यदि ऑपरेशन की आवश्यकता हो और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध न हो तो मरीज को रेफर भी करना पड़ता है। बता दें कि करीब एक साल पहले क्षेत्रीय अस्पताल में दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे थे, लेकिन एक चिकित्सक का तबादला घुमारवीं सिविल अस्पताल कर दिया था। तब से लेकर आज तक एक पद खाली चल रहा है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह ने बताया कि दूसरे एनेस्थीसिया की जरूरत को देखते हुए विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है।
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इनसेट
चिकित्सकों के छह पद खाली
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में चिकित्सकों के 29 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में छह पद खाली चल रहे हैं। अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के बाद सबसे अधिक जरूरत एक और एमडी चिकित्सक की है। वर्तमान में एक ही एमडी चिकित्सक अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। वह हर रोज औसतन 200 मरीजों की ओपीडी कर रहे हैं। काम का दबाव देखते हुए एक और एमडी की आवश्यकता है।
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