तीन आयु वर्गों में चेयर रेस और पंजा लड़ाने में रही कड़ी टक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव मेला घुमारवीं की सांस्कृतिक संध्याओं और खेल प्रतियोगिताओं के बीच एक ऐसा मंच सजा जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बुजुर्गों के सम्मान, उनके उत्साहवर्धन के लिए बुजुर्ग शो का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि हौसला बुलंद हो तो उम्र महज एक आंकड़ा रह जाती है। मंच पर जब 80 पार के बुजुर्गों ने पंजा लड़ाया और चेयर रेस में भाग लिया, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रतियोगिता को रोचक बनाने के लिए इसे तीन आयु वर्गों में विभाजित किया गया था। 70 से 80 वर्ष की श्रेणी में सबसे अधिक 10 बुजुर्गों ने अपनी ऊर्जा का प्रदर्शन किया। 80 से 90 वर्ष के वर्ग में सात प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर युवाओं को प्रेरित किया। 90 से 100 वर्ष की श्रेणी में में कोई प्रतिभागी मंच तक नहीं पहुंच सका। 70-80 वर्ष की श्रेणी में चुन्नी लाल लखनपाल प्रथम, मल्लिका देवी द्वितीय व सोम प्रकाश संख्यान तीसरे स्थान पर रहे। 80-90 वर्ष की श्रेणी में सीताराम शर्मा प्रथम, महंत राम गौतम दूसरे व कृष्णदास तीसरे स्थान पर रहे। बुजुर्गों के बीच चेयर म्यूजिकल रेस और पंजा लड़ाने की प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। 80 साल से अधिक की आयु के प्रतिभागियों ने जब पंजा लड़ाने के लिए हाथ आगे बढ़ाए, तो उनकी शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता देखते ही बनती थी। दर्शकों ने खड़े होकर इन वरिष्ठ नागरिकों का अभिवादन किया।
मुख्यातिथि खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपम शर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बुजुर्गों में अकेलेपन की भावना दूर होती है और उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आयोजकों ने बताया कि बुजुर्गों को समाज में उचित सम्मान और मंच देना ही इस उत्सव का असली उद्देश्य है। इस अवसर पर घुमारवीं के दवा निरीक्षक दिनेश गौतम, जिला केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव अरविंद महाजन, बाल विकास परियोजना अधिकारी रंजना शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।