शनिवार को बैंकों से पैसे बदलवाने के लिए बुजुर्गों को दी गई राहत का जिला के बुजुर्गों ने कोई विशेष फायदा नहीं उठाया। बिलासपुर के सरकारी और निजी बैंकों में गिने-चुने बुजुर्गों ने ही पैसे बदलवाए। हालांकि, बैंकों में इसके लिए विशेष व्यवस्था कर रखी थी।
जबकि बैंकों में पैसे निकलवाने और जमा करवाने का सिलसिला पूरा दिन जारी रहा। इसमें हर तरह के लोग शामिल रहे। इसके अलावा बैंकों के एटीएम में भी लोगों की काफी भीड़ रही।
देश में 500 और एक हजार के नोट बंद होने से लोगों को आ रही परेशानी को देखते हुए शनिवार को बुजुर्गों के लिए ही बैंकों में पैसे बदलवाने की विशेष व्यवस्था की गई थी। इससे बुजुर्ग शांतिपूर्वक तरीके से अपने नोटों को बदलवा सकें। मगर बिलासपुर में इसके लिए बुजुर्गों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई दी। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक करीब 15-20 बुजुर्गों ने ही पैसे एक्सचेंज करवाए।
इसमें स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में 5-6 और आईसीआईसीआई बैंक में करीब 15 बुजुर्गों ने नोट बदलवाए। जबकि अन्य बैंकों में एक-एक बुजुर्ग ही पैसे बदलवाने के लिए पहुंचे। हालांकि, बैंक प्रबंधकों की ओर से इस प्रक्रिया के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। बैंकों के बाहर जहां विशेष सूचना लगाई गई थी, वहीं बैंकों में बुजुर्गों के लिए बैठने की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। आईसीआईसीआई बैंक के शाखा प्रबंधक सुमित डोगरा ने बताया कि बैंक में मात्र 15 बुजुर्गों ने ही नोट बदलवाए।
बैंकों में पैसे जमा करवाने व निकलवाने के लिए पहुंचे बुजुर्गों में श्रीराम गुप्ता, रत्न सिंह ठाकुर, जेके नड्डा, पीडी शर्मा और कौशल्या देवी ने बताया कि 500 और एक हजार के नोट बंद होने से लोगों का काफी दिक्कत पेश आ रही है। बैंकों अज्ञैर एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइनों से बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है। इसके लिए शनिवार को बैंकों में की गई विशेष व्यवस्था से काफी राहत मिली है।
मगर अधिकतर बुजुर्गों ने नोटों को बदलने का कार्य पहले ही कर लिया है। केशव कुमार शर्मा ने कहा कि बुजुर्गों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए। पीएनबी बैंक बिलासपुर के प्रबंधक टीडी शर्मा ने बताया कि बहुत कम बुजुर्ग पैसे बदलवाने के लिए बैंक में आए हैं। जबकि पैसे जमा करवाने और निकलवाने के लिए लोगों की काफी भीड़ बैंक में पहुंची।
एसबीआई बैंक बिलासपुर के वरिष्ठ प्रबंधक बलदेव सिंह मिंहास का कहना है कि बैंक में शनिवार को लोगों की काफी भीड़ रही। लेकिन पैसे बदलवाने के लिए बुजुर्ग न के बराबर बैंक पहुंचे।