सुरेंद्र जंवाल
घुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश सरकार ने कोरोना के बाद सारी बंदिशों को हटा दिया है। लेकिन अभी तक अधिकांश सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी शुरू नहीं हुई है। इसका कई कर्मचारी भरपूर फायदा उठा रहे हैं। सुबह समय से दफ्तर लेट पहुंचते हैं और शाम को घर के लिए जल्द निकल जाते हैं।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, अन्य शिक्षण संस्थानों, सभी विभागों में दो साल बीत जाने के बाद भी बायोमेट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाना शुरू नहीं किया गया है। सरकार के आदेशानुसार आठ मार्च 2020 से बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी पर रोक लगाने के आदेश जारी हुए थे। जिसके बाद नौ मार्च से सभी शिक्षण संस्थानों में हाजिरी लगाने पर पूर्ण रोक आगामी आदेशों तक बंद कर दी थी। उसके बाद जब प्रदेश में कोरोना के मामले थमे तो सरकार ने सभी बंदिशें हटा दीं।
इसके बावजूद स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालय और अस्पतालों में अभी भी हाजिरी बायोमीट्रिक मशीन से नहीं लगाई जा रही है। प्रदेश के सभी अध्यापकों कर्मचारियों और अधिकारियों को रजिस्टर में हाजिरी लगानी पड़ती है। खासकर शिक्षा विभाग में 80 हजार शिक्षक और करीब 20 हजार गैर शिक्षकों समेत अन्य श्रेणियों के कर्मचारी पिछले दो सालों से रजिस्टर पर ही हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं अन्य सरकारी कार्यालयों का भी यही हाल है।
मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य सभी स्थलों पर सभी कुछ सामान्य हो गया है। लेकिन सरकार ने बायोमीट्रिक हाजिरी को अभी तक शुरू नहीं किया है। उधर, उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने कहा कि वह इस बारे में सभी संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे और सरकार को भी इस बारे में अवगत करवाएंगे। संवाद