बिलासपुर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री नयना देवी जी का मंदिर।
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श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्रीनयना देवी में 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक नव वर्ष मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर प्रशासन ने लंगर लगाने की अनुमति दे दी है। यह लंगर बस स्टैंड के नजदीक लगाए जाएंगे। वहीं श्रद्धालु इस बार गुफा के दर्शन नहीं कर पाएंगे। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था वन-वे रखने का निर्णय लिया गया है।
31 दिसंबर को मंदिर के कपाट रात्रि 12 बजे बंद होंगे और रात्रि 1 बजे ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि नववर्ष मेले के दौरान इस बार प्रशासन ने श्रद्धालुओं को लंगर लगाने की अनुमति दी है। मगर सभी लंगर बस स्टैंड से नीचे लगाए जाएंगे।
मंदिर के नजदीक एकमात्र मंदिर न्यास का संचालित सदा व्रत लंगर ही चलेगा। अभी तक करीब पांच लंगर वालों को लंगर लगाने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके अलावा और कोई और श्रद्धालु भी लंगर लगाने का इच्छुक होगा तो उसे भी बस स्टैंड से नीचे लंगर लगाने की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर से मेलों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के कपाट 30 दिसंबर को रोजमर्रा के अनुसार ही खुलेंगे। मगर 31 दिसंबर को मंदिर में ज्यादा संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
इसको देखते हुए 31 दिसंबर को मंदिर के कपाट रात्रि 12 बजे बंद होंगे और रात्रि 1 बजे ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस दौरान सांयकालीन आरती, शयन आरती, मंगल आरती, तथा प्रातकालीन सिंगार आरती एक साथ ही की जाएगी। 1 जनवरी को मध्यान आरती का समय दोपहर 12 से 12:30 रहेगा। इसके अलावा श्रद्धालु गुफा के दर्शन नहीं कर पाएंगे। जबकि ट्रैफिक व्यवस्था वन-वे रहेगी।