न लोग रहे सबक, न जाग रहा प्रशासन, पिछले दो दिन में हो चुकी हैं दो युवकों की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। जलाशयों में डूबने से आए दिन नौजवान युवकों की मौत हो रही है। इसके बावजूद लापरवाही नहीं रुक रही है। न तो लोग सबक ले रहे हैं और न ही प्रशासन जाग रहा है। छोटे बच्चे अभी भी जान जोखिम में डालकर खड्डों में नहाने के दौरान अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। जलाशयों में डूबने से हुई मौतों का आंकड़ा देखकर लग रहा है कि कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शुक्रवार को सीर खड्ड में तलवाड़ा के नजदीक 17 वर्षीय युवक के डूबने की घटना सामने आई थी। दूसरे ही दिन शनिवार को पिपलुघाट के नजदीक सीर खड्ड में 27 वर्षीय युवक के डूबने का मामला सामने आया। दो दिन में डूबने से दो जानें चली गईं, लेकिन लापरवाही जारी है। रविवार को दधोल के मंगलौत कुंड में भी छोटे-छोटे प्रवासी बच्चे गहरे पानी में अठखेलियां करते हुए नजर आए। इन्हें न तो कोई रोकने वाला था और न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। डूबने के हादसों पर गौर किया जाए तो कसोल के नजदीक सीर खड्ड में डूबने से दो आईटीआई प्रशिक्षुओं की मौत हो चुकी है। 2021 में घुमारवीं शहर के नजदीक दो स्कूली बच्चे खड्ड में डूबने से मौत हो चुकी है। माकन खड्ड में डूबने से किशोर की मौत हो चुकी है। बम्म क्षेत्र के नजदीक सीर खड्ड में भी एक युवक डूबा गया था। इसके अलावा गोबिंद सागर झील में बैहना जट्टा के समीप एक युवक की डूबकर मौत हुई थी। स्वारघाट के नजदीक नरेली में भी गोबिंद सागर झील में डूबने से युवक की मौत हुई थी। खड्डों और झील में नहाने वालों के खिलाफ यदि सख्त कार्रवाई की जाए तो शायद युवा वर्ग डर के चलते खड्डों और झील में नहाने न जाएं और हादसों पर रोक लग सके।
खड्डों के किनारे लगाए हैं चेतावनी बोर्ड
एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने बताया कि प्रशासन की ओर से लोगों को जलाशयों में नहीं नहाने को लेकर समय-समय पर जागरूक किया जाता है। खड्डों के किनारे चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके बारे में पंचायत प्रतिनिधियों से बात करके ध्यान देने का कार्य किया जाएगा। वहीं, अभिभावक भी बच्चों का ध्यान रखें। तभी हादसों से बचा जा सकेगा।