नवरात्र के लिए सजा मां नयना का दरबार। संवाद
रात 12 से दो बजे तक बंद रहेंगे कपाट, मध्याह्न आरती के दौरान भी आधे घंटे नहीं होंगे दर्शन
आरती में अलग-अलग भोग से महकेगा मां का दरबार
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में रविवार से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी की जा रही हैं। नवरात्र मेले के दृष्टिगत मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। इन नौ दिनों में देशभर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन और संबंधित विभाग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
नवरात्र के दौरान माता के दरबार में प्रतिदिन पांच आरतियां होंगी। प्रत्येक आरती में माता को अलग-अलग तरह के भोग अर्पित किए जाएंगे। वहीं, श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए मंदिर के कपाट निर्धारित समय पर खोले और बंद किए जाएंगे। मंदिर में प्रतिदिन होने वाली आरतियों के दौरान माता को परंपरा के अनुसार भोग लगाया जाता है। नवरात्र में सायंकालीन आरती में चने और पूरी का प्रसाद अर्पित किया जाएगा। इसके बाद होने वाली शयन आरती में दूध, फल और मिठाई का भोग लगेगा। वहीं, मंगल आरती में सूखे मेवे और प्रातः कालीन शृंगार आरती में हलवा व बर्फी का भोग अर्पित किया जाएगा। मध्याह्न आरती में चावल, खीर सहित पांच प्रकार के व्यंजन माता को परोसे जाएंगे। इसे राजसी भोजन भी कहा जाता है। नवरात्र के दौरान आरती और पूजा की व्यवस्था के चलते मंदिर के कपाट निर्धारित अवधि के लिए बंद रहेंगे। रात 12 से दो बजे तक मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके अलावा मध्याह्न आरती के दौरान दोपहर 12 से 12:30 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। इस तरह प्रतिदिन करीब ढाई घंटे मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। शेष समय में श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकेंगे। सामान्य दिनों में सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोले जाते हैं और मंगल आरती के माध्यम से माता को शयन से जगाया जाता है। इसके बाद सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट स्नान और शृंगार की प्रक्रिया के लिए बंद किए जाते हैं। करीब डेढ़ घंटे बाद सुबह साढ़े छह बजे मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाता है। मध्याह्न आरती के लिए सुबह 11:45 से दोपहर 12:30 बजे तक कपाट बंद रहते हैं। शाम करीब साढ़े छह बजे माता के स्नान और शृंगार के लिए मंदिर फिर बंद किया जाता है। रात साढ़े नौ बजे शयन आरती होती है और रात दस बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, जो अगले दिन सुबह चार बजे खुलते हैं।
सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात होंगे
नवरात्र मेले के दौरान नगर परिषद की ओर से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। नगर परिषद अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान पूरे क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव भी किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।