नगर परिषद पहले चलाएगी जागरूकता अभियान, चार रंगों के डिब्बे किए निर्धारित
नगर परिषद पहले चलाएगी जागरूकता अभियान
नीले, हरे, लाल और काले डिब्बों में रखना होगा कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नगर परिषद नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके तहत घरों से निकलने वाले सूखे, गीले, सैनिटरी और विशेष देखरेख वाले कचरे को अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा। नियम लागू करने से पहले नगर परिषद विभिन्न वार्डों में जागरूकता अभियान चलाएगी, ताकि लोगों को कचरे की श्रेणियों और उसे सही तरीके से सौंपने की जानकारी मिल सके। नगर परिषद ने कचरे के वर्गीकरण के लिए चार रंगों के डिब्बे निर्धारित किए हैं। नीले डिब्बे में कागज, प्लास्टिक, कांच, धातु और गत्ते जैसी सूखी सामग्री रखनी होगी। हरे डिब्बे में बचा हुआ भोजन, फल-सब्जियों के छिलके, पत्तियां और बगीचे से निकलने वाला जैविक कचरा डाला जाएगा। लाल डिब्बे में इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड, डायपर और रुई जैसे अपशिष्ट रखने होंगे। वहीं, काले डिब्बे में ई-कचरा, बैटरियां, बल्ब, दवाइयां और पेंट जैसी वस्तुएं रखी जाएंगी। नगर परिषद का उद्देश्य घरों से निकलने वाले कचरे को शुरुआती स्तर पर ही अलग करना है, ताकि उसके निपटान और पुनर्चक्रण में आसानी हो। जैविक कचरे को अलग रखने से उसका उचित निपटान किया जा सकेगा, जबकि कागज, प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी सामग्री को छांटकर दोबारा उपयोग में लाने में मदद मिलेगी। सैनिटरी और विशेष देखरेख वाले कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखने से इनके सुरक्षित निपटान में भी सावधानी बरती जा सकेगी। व्यवस्था लागू करने से पहले शहर के विभिन्न वार्डों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इनमें लोगों को बताया जाएगा कि घरों से निकलने वाले अलग-अलग प्रकार के कचरे को किस डिब्बे में रखना है और सफाई कर्मचारियों को किस तरह सौंपना है। जागरूकता अभियान के बाद निर्धारित तिथि से घर-घर कचरा उठाने के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि कचरे को अलग रखने की जिम्मेदारी घर से ही शुरू होगी। सभी तरह के कचरे को एक ही थैले या डिब्बे में डालने के बजाय निर्धारित श्रेणियों में अलग करना होगा। सैनिटरी कचरे को सुरक्षित तरीके से पैक करके देना होगा, जबकि विशेष देखरेख वाले कचरे को अन्य कचरे से अलग रखना जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
कोट
शहर में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए घरों से ही कचरे का पृथक्करण अनिवार्य किया जाएगा। पहले जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नियमों की जानकारी दी जाएगी, इसके बाद निर्धारित व्यवस्था लागू होगी। शहरवासियों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
अमित कुमार,अध्यक्ष,नगर परिषद