-अपने दैनिक जीवन में करें हिंदी का उपयोग, भाषण, कविता, चित्रकला अन्य कराई गई प्रतियोगिताएं
-हिंदी ने बढ़ाया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भाषण, कविता, संगोष्ठी, चित्रकला, लेखन, सुलेख, गीत, और अन्य प्रतियोगिताएं कराई गईं। समारोह में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के महत्व को समझाया। साथ ही अपने दैनिक जीवन में हिंदी भाषा का उपयोग करने का आग्रह किया। हिंदी भाषा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है।
ऋषिकेश नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर की ओर से सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय ऋषिकेश में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। समारोह में चित्रकला प्रतियोगिता कराई गई। इसमें सिया ने पहला, अभिनंदन ने दूसरा और कनक ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्रधानाचार्य ईश्वर सिंह, हिंदी की अध्यापिका लता कुमारी और नीलम शर्मा ने सभी को शुभकामनाएं दीं। नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर की तरफ से स्वयंसेवी इंदु कुमारी उपस्थित रहीं।
आर्यन पब्लिक स्कूल बिलासपुर में हिंदी दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कक्षा छठी, सातवीं के विद्यार्थियों ने लेखन, आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने श्रुतलेख, नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों ने भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया। भाषण में शांभवी ने पहला, भारती ने दूसरा और अंकिता ने तीसरा स्थान हासिल किया। सुलेख प्रतियोगिता में शान्वी ने पहला, परिधि ने दूसरा और वर्षा ने तीसरा स्थान हासिल किया। श्रुतलेख में इशिता राणा ने पहला, सुर्यांशी ने दूसरा और अनिरुद्ध ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्रधानाचार्य ने सभी को हिंदी भाषा का महत्व बताया।
शिवा अंतरराष्ट्रीय स्कूल घुमारवीं के किंडरगार्टन के नन्हें बच्चों ने हिंदी दिवस का जश्न मनाया। कक्षा एलकेजी के बच्चों ने हिंदी कविताओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए हिंदी कविताओं के माध्यम से हिंदी के सौंदर्य को साझा किया। इसके अलावा उन्होंने हिंदी वर्णमाला में से अक्षरों का उच्चारण करते हुए वर्णमाला के महत्व को समझने का प्रयास किया। उन्होंने विभिन्न हिंदी कविताएं प्रस्तुत कर हिंदी दिवस को अधिक रोमांचक बनाया। यूकेजी के छात्र और छात्राओं ने हिंदी वर्णमाला के अक्षरों का उच्चारण करते हुए उनसे विभिन्न शब्दों का निर्माण किया, जिससे हिंदी भाषा को सही रूप में समझने और उपयोग करने का अभ्यास रहे। प्रधानाचार्य शिल्पा गोयल ने सभी बच्चों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उनकी उपस्थिति और गतिविधियों की सराहना की।
श्री रामानुज संस्कृत महाविद्यालय पंजगाईं में विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस पर भाषण, कविताएं और गीत इत्यादि की प्रस्तुति दी। वेदांताचार्य अनिल कुमार ने हिंदी दिवस पर बच्चों को अपने शब्दों में कविता सुनाई। ज्योतिषाचार्य संजय कुमार ने हिंदी के महत्व के बारे में बताया। अंग्रेजी भाषा के प्रवक्ता साखी राम ने बच्चों को हिंदी दिवस पर शुभकामनाएं दी। शिवाली और वंशिका ने हिंदी दिवस पर भाषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्राचार्य श्याम लाल शर्मा, आचार्य प्रेम लाल शर्मा, अनूप शर्मा, मीना गौतम और अन्य उपस्थित रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जेजवी में राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गई। भाषण प्रतियोगिता में आयुषी ने पहला, अक्षिता ने दूसरा और सीना शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। कविता प्रतियोगिता में वंश ने पहला, एकाधना ने दूसरा और अन्नया ने तीसरा स्थान हासिल किया। पोस्टर मेकिंग में अंजलि ने पहला, तमन्ना ने दूसरा और मृदुल भारती ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रवक्ता सतीश कुमार, देव कृष्ण नड्डा और संजीव परमार ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। मंच का संचालन राकेश कुमार ने किया। प्रवक्ता हिंदी रीना कुमारी ने बच्चों को हिंदी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि हिंदी हमारी राजभाषा है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए क्योंकि राष्ट्रभाषा के बिना कोई भी देश विकास नहीं कर सकता और हिंदी भाषा ने हमें अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। भाषा अध्यापिका प्रोमिला कुमारी ने बच्चों को हिंदी के महत्व और उद्देश्य के बारे में बताया। प्रधानाचार्य रेखा शर्मा ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और आगे भी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। हिंदी का हमारे जीवन में क्या महत्व है इससे सभी को अवगत कराया और विजेताओं को पुरस्कृत किया।
आदर्श शिक्षा महाविद्यालय अमरपुर में हिंदी दिवस मनाया गया। इसका शुभारंभ शिक्षा महाविद्यालय के अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा, प्रबंध निदेशक राकेश शर्मा और महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर आशीष शर्मा ने किया। कार्यक्रम में नारा लेखन, भाषा और कवि संगोष्ठी प्रतियोगिता कराई गई।
छात्रों ने हिंदी भाषा के संदर्भ में बहुत ही मनमोहक कविताएं प्रस्तुत कीं। हिंदी मातृभाषा ही नहीं बल्कि विचारों और भावों की अभिव्यक्ति है को दर्शाया गया। नारा लेखन द्वारा हिंदी हमारे देश के माथे की बिंदी प्रदर्शित कर हिंदी के महत्व को प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य डॉक्टर आशीष शर्मा ने सभी भावी शिक्षकों से निवेदन किया कि हिंदी को अपने दैनिक जीवन में प्रयोग कर भारत को सफल हिंदी राष्ट्र बनाएं। इस कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन और मार्गदर्शन के तौर पर डॉक्टर मीनाक्षी शर्मा और समस्त प्रवक्ता वर्ग उपस्थित रहे।