एम्स बिलासपुर में तीमारदारों को जानकारी देती प्रशिक्षु चिकित्सक। स्रोत: एम्स प्रबंधन
एम्स में नर्सिंग के विद्यार्थियों ने मरीजों और तीमारदारों को बताए सर्जरी के बाद बरती जाने वाली सावधानियों के तरीके
घाव की देखभाल, संक्रमण से बचाव और सही तरीके से चलने-फिरने की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ऑपरेशन के बाद मरीज की देखभाल में लापरवाही रिकवरी को प्रभावित कर सकती है। घाव की सफाई, संक्रमण से बचाव और चिकित्सक की सलाह के अनुसार चलना-फिरना ऐसे पहलू हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए एम्स बिलासपुर के नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने जनरल सर्जरी वार्ड में मरीजों और उनके तीमारदारों को सर्जरी के बाद देखभाल के तरीके समझाए।
बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने दो सत्रों में मरीजों को अलग-अलग विषयों पर जानकारी दी। एक सत्र में ऑपरेशन के बाद शरीर में पानी की कमी से बचने पर जोर दिया गया। मरीजों को बताया गया कि पर्याप्त तरल पदार्थ लेना शरीर के सामान्य कामकाज और घाव भरने में मदद करता है। साथ ही, पानी की कमी के लक्षण पहचानने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही तरल पदार्थ लेने की जानकारी दी गई। जिन मरीजों के लिए तरल पदार्थ की मात्रा सीमित की गई है, उन्हें इस निर्देश का पालन करने के लिए भी समझाया गया। दूसरे सत्र में हड्डियों की सर्जरी के बाद बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा की गई। इसमें घाव की देखभाल, दर्द का प्रबंधन, संक्रमण से बचाव और सही स्थिति में बैठने या लेटने के तरीके बताए गए। विद्यार्थियों ने समझाया कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार चलना-फिरना, पुनर्वास के व्यायाम करना और सहायक उपकरणों का सही इस्तेमाल करना मरीज की गतिशीलता बेहतर करने में मदद करता है।