फोरलेन पर आने जाने वाले पर्यटक व राहगीर लेंगे रुक्मिणी कुंड के पानी का स्वाद
जब तक जल सुरक्षित रहेगा, तब तक हमारा भविष्य सुरक्षित : धर्माणी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने औहर में जल शक्ति विभाग द्वारा स्थापित वास्तविक समय पेयजल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली का लोकार्पण किया। इस परियोजना की कुल लागत 10.25 लाख रुपये है और इसका जल स्रोत पवित्र रुक्मिणी कुंड से लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि यह प्रणाली प्रदेश सरकार की ओर से जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस आधुनिक प्याऊ के माध्यम से आने-जाने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को रुक्मिणी कुंड के पानी का स्वाद मिलेगा। जब तक जल सुरक्षित रहेगा, तब तक हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि यहां स्थापित पराबैंगनी (यूवी) प्रणाली के माध्यम से जल को वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाता है, जिससे पानी का स्वास्थ्यवर्धक और रोगाणुरहित रहना सुनिश्चित होता है। यह प्रणाली पानी की गुणवत्ता को वास्तविक समय में जांचने की सुविधा प्रदान करती है। इसके माध्यम से पानी के पीएच, टीडीएस, टर्बिडिटी, टीएसएस और क्लोरीन स्तर को लगातार मापा जाता है और स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान आंकड़ों के अनुसार पानी का पीएच स्तर 7.28, टीडीएस 210 पीपीएम, टर्बिडिटी 0.00 एनटीयू, टीएसएस 0.00 पीपीएम और क्लोरीन 0.00 पीपीएम दर्ज किया गया है, जो पानी की उच्च गुणवत्ता और शुद्धता को दर्शाते हैं। यह व्यवस्था पारदर्शिता का प्रतीक है, कोई भी व्यक्ति स्क्रीन देखकर पानी की गुणवत्ता की स्वयं जांच कर सकता है। यह पानी बोतलबंद पानी से भी अधिक शुद्ध है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए कई कदम उठा रही है। औहर में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल पर्यटन परिसर विकसित किया जा रहा है। निर्माणाधीन परिसर के अलावा, सरकार ने अगले चरण के लिए भी धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में नया पुलिस थाना, माउंटेनरी बाइकर्स के लिए सुविधाएं, हिमुडा का विश्राम गृह और भविष्य में हेलीपोर्ट सुविधा का भी प्रस्ताव है। यह विकास न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर भी पैदा करेगा। मंत्री ने लोगों से जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों की रक्षा करने का आह्वान किया। यह प्याऊ केवल प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। जल ही जीवन है और हर बूंद बचाना हम सबका कर्तव्य है।
इनसेट
रुक्मिणी कुंड है आस्था और पर्यटन का केंद्र
रुक्मिणी कुंड केवल जल स्रोत नहीं है, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और धार्मिक विश्वास का प्रतीक है। कुंड का जल औषधीय गुणों से युक्त है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते हैं। मंत्री ने कहा कि इस आधुनिक प्याऊ के माध्यम से न केवल स्थानीय लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा, बल्कि यह स्थल पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।