बिलासपुर। शहरी विकास एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने परिधिगृह बिलासपुर में बिलासपुर, घुमारवीं, तलाई और श्री नयनादेवी जी के कार्यकारी अधिकारियों के साथ नगर निकायों में चल रहे विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की और प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
बैठक के दौरान विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की वित्तीय स्थिति और नई परियोजनाओं के लिए बजट का प्रावधान करने के बारे में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बिलासपुर शहर में गाड़ियों के बढ़ते दबाव के कारण यातायात में होने वाले व्यवधान व जाम की स्थिति से निपटने के लिए शहर में पार्किंग की नितांत आवश्यकता है, जिसके लिए स्थानीय विधायक सुभाष ठाकुर द्वारा पैसा मुहैया करवा दिया गया है। इसकी अन्य औपचारिकताएं पूर्ण की जा रही हैं। कहा कि हिमाचल प्रदेश में भाजपा के घोषणापत्र के वादे के अनुसार 3 नए नगर निगम बनाए गए हैं तथा वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 5 हो गई है। प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार नगर पंचायत को स्तरोन्नत कर नगर परिषद बनाया गया है तथा 7 नई नगर पंचायतें भी बनाई गई हैं।
मंत्री ने कहा कि पहली बार केंद्रीय बजट में भी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। हिमाचल प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां मनरेगा की तर्ज पर मुख्यमंत्री आजीविका गारंटी योजना बनाई है जिसको भविष्य में कानूनी जामा पहना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में स्वच्छता में वाल्मीकि समुदाय के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनकी जमीन और मकान की समस्या के निदान के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सहकारिता के साथ जुड़े अधिकारियों के साथ भी बैठक की गई। सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने व सुदृढ़ीकरण के लिए योजनाओं के कार्यान्वयन को गति प्रदान करने के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध के निर्माण से विस्थापन का दर्द झेल चुके बिलासपुर शहर ने अब विकास की गति पकड़ते हुए नए आयाम स्थापित किए हैं। शहर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए भी प्रदेश सरकार नई योजनाएं तैयार कर बजट का प्रावधान कर रही है।
इस अवसर पर सदर विधायक सुभाष ठाकुर, नगर परिषद अध्यक्ष कमलेंद्र कश्यप, उपाध्यक्ष कमल गौतम, नगर परिषद बिलासपुर के पार्षद, एसडीएम सदर सुभाष गौतम, ईओ बिलासपुर उर्वशी वालिया, घुमारवीं पंकज, ईओ श्री नयनादेवी जी, डीएसपी हेडक्वार्टर राजकुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।