तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया था उद्घाटन
पार्किंग में जाते ही प्रवासी छोड़ देते हैं कुत्ते, स्थानीय लोग सहमे
संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनी बहुमंजिला पार्किंग पर दो माह से प्रवासियों ने कब्जा जमा रखा है। यही नहीं, प्रवासी परिवारों ने पार्किंग के अंदर तिरपाल और अस्थायी तंबू लगाकर कर इसे स्थायी ठिकाना बना लिया है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब स्थानीय लोग पार्किंग के अंदर झांकने तक की हिम्मत नहीं करते, क्योंकि प्रवासी लोगों ने अंदर कई खौफनाक कुत्ते पाल रखे हैं, जो किसी के भी अंदर जाने पर हमला कर देते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह पार्किंग नगर परिषद और एसडीएम कार्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि यह नगर परिषद की नाकामी और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक है। गौरतलब है कि इस पार्किंग का उद्घाटन 23 मई 2025 को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया था। उद्घाटन के दौरान दावा किया गया था कि अब घुमारवीं शहर में पार्किंग की समस्या समाप्त हो जाएगी। लेकिन उद्घाटन के पांच महीने बीत जाने के बावजूद यह पार्किंग जनता के लिए शुरू नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि प्रवासियों को यहां बसाने के पीछे नगर परिषद से जुड़े एक सफाई ठेकेदार का हाथ बताया जा रहा है, जो परिषद से हर माह लाखों रुपये वसूलता है। इस पूरे मामले ने नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद की नाक के नीचे डेढ़-दो करोड़ की परियोजना पर कब्जा होना भ्रष्टाचार और लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे कब्जे को तत्काल हटाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कोट
जल्द ही पार्किंग का टेंडर करवाया जाएगा। दो बार पहले भी टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन पूरी नहीं हो पाई। जहां तक प्रवासियों की बात है, उन्हें जल्द ही यहां से हटाया जाएगा। लोगों को बहुत जल्द पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद, घुमारवीं
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